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राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है. यहां बाघिन T-93 ने शावकों को जन्म दिया है. 1 नवंबर को बाघिन रणथंभौर प्रथम के लाहपुर वनक्षेत्र में एक नन्हे शावक के साथ विचरण करती नजर आई. बाघिन के साथ शावक दिखाई देने के बाद रणथंभौर प्रथम में बाघों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है. वन विभाग अब कैमरा ट्रैप के जरिए शावकों की वास्तविक संख्या का पता लगाने में जुटा है.
तीसरी बार मां बनी बाघिन T-93
रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व के रणथंभौर प्रथम क्षेत्र के लाहपुर में बाघिन T-93 अपने एक नन्हे शावक के साथ दिखाई दी है. यह बाघिन का तीसरा प्रसव है. डीएफओ के अनुसार, शुरुआती तौर पर बाघिन के साथ एक शावक नजर आया है. हालांकि, उसके शावकों की वास्तविक संख्या इससे ज्यादा भी हो सकती है. ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बाघिन ने कुल कितने शावकों को जन्म दिया है.
कैमरा ट्रैप से पता चलेगी शावकों की संख्या
वन विभाग की ओर से शावकों की सही संख्या का पता लगाने के लिए वनक्षेत्र में फोटो ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं. इन कैमरों में कैद होने वाली तस्वीरों का विश्लेषण किया जाएगा. इसके बाद ही यह पुष्टि हो सकेगी कि बाघिन के कितने शावक हैं. वन विभाग की टीम बाघिन और उसके शावकों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है. उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है.
बाघिन और शावकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
डीएफओ मानस सिंह ने फील्ड स्टाफ को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बाघिन और उसके शावकों के प्राकृतिक विचरण में किसी तरह की बाधा नहीं आए. वन विभाग के अनुसार, बाघिन T-93 के साथ शावक की मौजूदगी रणथंभौर में बाघों के प्रजनन और संरक्षण के लिहाज से सकारात्मक संकेत है.
वन्यजीव प्रेमियों में खुशी
बाघिन T-93 के तीसरी बार मां बनने की खबर से रणथंभौर वन प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों में खुशी है. वन विभाग का कहना है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों के संरक्षण, लगातार निगरानी और सुरक्षित प्रबंधन के प्रयास जारी हैं. अब सभी की नजर कैमरा ट्रैप से मिलने वाली तस्वीरों पर है, जिनसे शावकों की वास्तविक संख्या का पता चलेगा.