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भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत, क्रशर प्लांट पर 70-80 लोगों के हमले का आरोप

Atar Singh Bhadana: राजस्थान के भरतपुर जिले में बयाना के पूर्व विधायक और भाजपा नेता अतर सिंह भड़ाना की क्रशर प्लांट पर हुए हमले में मौत के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है. पुलिस के मुताबिक, क्रशर संचालन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और संचालक के बीच करीब दो साल से विवाद चल रहा था. परिजनों ने 35 से 40 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया है, जबकि पुलिस अब तक पांच संदिग्धों को डिटेन कर पूछताछ कर रही है. एसपी राजेश मीणा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और डीजीपी राजीव शर्मा ने भरतपुर रेंज आईजी से फैक्टुअल रिपोर्ट मांगी है.

भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत, क्रशर प्लांट पर 70-80 लोगों के हमले का आरोप
Image Credit: Rajasthan Crime

Rajasthan Crime News: राजस्थान के भरतपुर जिले में बयाना के पूर्व विधायक और भाजपा नेता अतर सिंह भड़ाना (68) की मौत के मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है. रविवार शाम वैर क्षेत्र के भौंड़ा गांव स्थित उनके क्रशर प्लांट पर कथित तौर पर बड़ी संख्या में लोगों ने हमला कर दिया था. परिजनों का आरोप है कि 70 से 80 लोगों ने अतर सिंह भड़ाना और वहां मौजूद लोगों पर लाठी-पत्थरों से हमला किया. मारपीट में गंभीर रूप से घायल भड़ाना को पहले वैर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल रेफर किया गया. हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई.

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गए हैं. एसपी राजेश मीणा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जबकि आईजी प्रीति चंद्रा वैर थाने पहुंचने के बाद भौंड़ा गांव के लिए रवाना हुईं. डीजीपी राजीव शर्मा ने भी भरतपुर रेंज आईजी से घटना की फैक्टुअल रिपोर्ट मांगी है. पुलिस के मुताबिक, मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

क्रशर प्लांट पर पहुंचे थे पूर्व विधायक, तभी हमले का आरोप

पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना के मुताबिक, अतर सिंह भड़ाना रविवार शाम करीब 6:30 बजे भौंड़ा गांव स्थित अपने क्रशर खनन लीज प्लांट पर पहुंचे थे. इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे और उनके पति पर हमला कर दिया. परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-पत्थरों से मारपीट की, जिसमें अतर सिंह भड़ाना के अलावा उनके सहयोगी गगन शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद दोनों घायलों को वैर के उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद अतर सिंह भड़ाना को जयपुर रेफर किया गया, जबकि गगन शर्मा को भरतपुर भेजा गया. अतर सिंह भड़ाना की हालत गंभीर थी और रास्ते में दौसा जिले के महुवा के पास उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें बचाने के लिए सीपीआर देने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली.

भरतपुर के वैर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना पर भीड़ के हमले में उनकी मौत हो गई, जबकि लीज पर काम करने वाले उनके सहयोगी गगन शर्मा घायल हो गए. गगन को भरतपुर के RBM अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है. गगन के मुताबिक, वे लीज की मेस में खाना बना रहे थे, तभी ग्रामीणों ने बिजली कनेक्शन काट दिया और अचानक हमला कर दिया. हमले में वे बेहोश हो गए. गगन लीज पर सिक्योरिटी और मेस की देखरेख का काम करते हैं.

 

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भरतपुर में भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या को लेकर राजस्थान की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. गहलोत ने कहा कि 70-80 लोगों ने दिनदहाड़े पूर्व विधायक को घेरकर मार दिया. जब पूर्व विधायक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा? उन्होंने कहा कि विवाद करीब दो साल से चल रहा था, ऐसे में पुलिस और प्रशासन क्या कर रहे थे? चेतावनी के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई? गहलोत ने इस घटना को पुलिस-प्रशासन की नाकामी का नतीजा बताया.

जयपुर-भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दुख जताते हुए राजस्थान की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब पूर्व विधायक और जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? डोटासरा ने खनन विवाद में दिनदहाड़े हिंसा और डेढ़ घंटे तक पथराव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की. उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी से कानून-व्यवस्था नहीं सुधरेगी.

 

 

सिर में गंभीर चोट, अधिक खून बहने से हुई मौत

अतर सिंह भड़ाना का जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया गया. एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी के अनुसार, उनकी मौत गोली लगने से नहीं, बल्कि शरीर पर आई गंभीर चोटों और अधिक खून बहने के कारण हुई. जानकारी के मुताबिक, पूर्व विधायक के सिर में गंभीर चोट लगी थी. उनके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटों के निशान थे. सूत्रों के अनुसार, मारपीट में उनके दोनों पैर भी टूट गए थे. अतर सिंह भड़ाना की पत्नी ने हमले के दौरान गोली लगने की बात कही थी, लेकिन एसपी राजेश मीणा ने कहा कि प्रारंभिक जांच में फायरिंग जैसी घटना सामने नहीं आई है. पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम को जांच के लिए बुलाया है. फॉरेंसिक जांच से घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.

35 से 40 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा

नदबई थाना अधिकारी अरुण चौधरी के मुताबिक, पूर्व विधायक के परिजनों की ओर से 35 से 40 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है. पुलिस रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी. मामले की जांच वैर थाना अधिकारी कर रहे हैं. एसपी राजेश मीणा ने बताया कि क्रशर क्षेत्र में ग्रामीणों और लीज मालिक व कर्मचारियों के बीच झगड़ा हुआ था. इस दौरान अतर सिंह भड़ाना घायल हो गए और बाद में जयपुर में उनकी मौत हो गई. पुलिस ने मामले की जांच के लिए टीमें बनाई हैं. कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमले में कौन-कौन शामिल था, विवाद किस वजह से बढ़ा और घटना के दौरान किन लोगों ने मारपीट की. फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

दो साल से चल रहा था क्रशर संचालन को लेकर विवाद

पुलिस के अनुसार, क्रशर संचालन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और क्रशर संचालक के बीच करीब दो वर्षों से विवाद चल रहा था. ग्रामीण क्रशर के विरोध में धरना भी दे रहे थे. घटना के समय पहाड़ी क्षेत्र में मशीनों से खनन का काम चल रहा था और अतर सिंह भड़ाना भी मौके पर मौजूद थे.

लंबे समय से चल रहे इस विवाद और रविवार को हुई हिंसा के बीच क्या संबंध था, इसकी जांच की जा रही है. हालांकि, हमले के पीछे की पूरी वजह और विवाद में शामिल पक्षों की भूमिका को लेकर पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आना बाकी है.

एसपी ने घटनास्थल का किया निरीक्षण, डीजीपी ने मांगी रिपोर्ट

घटना के बाद एसपी राजेश मीणा ने भौंड़ा गांव स्थित क्रशर प्लांट का निरीक्षण किया और वैर थाना प्रभारी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. घटनास्थल पर पहुंचने से पहले उन्होंने वैर थाने में पुलिसकर्मियों के साथ बैठक भी की. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, घटना के करीब 16 घंटे बाद एसपी मौके पर पहुंचे थे. वहीं, आईजी प्रीति चंद्रा वैर थाने पहुंचीं और वहां कुछ देर रुकने के बाद घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं. डीजीपी राजीव शर्मा ने भरतपुर रेंज आईजी से घटना की फैक्टुअल रिपोर्ट मांगी है. आईजी को घटनास्थल पर पहुंचकर उसी दिन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस की टीमें आरोपियों की पहचान, हमले में इस्तेमाल किए गए हथियारों और घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही हैं. फिलहाल, पुलिस की ओर से सभी आरोपियों की गिरफ्तारी या हमले की पूरी वजह को लेकर अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है.

पोस्टमॉर्टम के बाद शव लेकर हरियाणा रवाना हुए परिजन

एसएमएस अस्पताल में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतर सिंह भड़ाना के परिजन उनका शव एंबुलेंस से हरियाणा के फरीदाबाद जिले के पाली गांव के लिए लेकर रवाना हुए. इसी गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. उनके बेटे अर्जुन और परिवार के अन्य सदस्य भी शव के साथ रवाना हुए. अतर सिंह भड़ाना बयाना से विधायक रह चुके थे. वह भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भी रहे थे. उनकी मौत के बाद राजनीतिक गलियारों में भी प्रतिक्रिया सामने आई है.

अशोक गहलोत ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अतर सिंह भड़ाना की मौत पर दुख जताते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब एक पूर्व विधायक पर दिनदहाड़े हमला हो सकता है, तो आम आदमी की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है.

गहलोत ने आरोप लगाया कि क्रशर संचालन को लेकर विवाद करीब दो वर्षों से चल रहा था. उन्होंने सवाल किया कि पुलिस और प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की. उनके मुताबिक, इस घटना की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.

फिलहाल, भरतपुर पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र क्रशर प्लांट पर हुए हमले की परिस्थितियां, नामजद आरोपियों की भूमिका और लंबे समय से चल रहे विवाद की पृष्ठभूमि है. फॉरेंसिक जांच, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
 

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Ansh Raj

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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