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राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान हुए करंट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है. हादसे में शुरुआत में 5 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे. अब इलाज के दौरान तीनों घायल मजदूरों ने भी दम तोड़ दिया. इस तरह हादसे में कुल 8 लोगों की मौत हो चुकी है. जानकारी के मुताबिक, छापोली गांव में कदमकुंड की ओर जाने वाले रास्ते पर सड़क निर्माण का काम चल रहा था. इसी दौरान रोड़ी मिलाने वाली मशीन 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई. मशीन के बिजली लाइन से टकराते ही उसमें करंट फैल गया और वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए.
पहले 5 मजदूरों की मौके पर मौत, अब 3 ने भी तोड़ा दम
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद 8 मजदूर करंट की चपेट में आकर झुलस गए थे. इनमें से 5 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हो गए थे. तीनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अब इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई. इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या 8 हो गई है. बताया जा रहा है कि मशीन में करंट आने के बाद कुछ मजदूरों ने अपने साथियों को बचाने की कोशिश भी की थी. इस दौरान वे भी करंट की चपेट में आ गए.
ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर शुरू कराया था सड़क निर्माण
बताया जा रहा है कि गांव में लंबे समय से सड़क टूटी हुई थी. सड़क की खराब हालत को देखते हुए ग्रामीणों ने आपस में चंदा जुटाकर सड़क बनवाने का फैसला किया था. इसी के तहत कदमकुंड जाने वाले रास्ते पर निर्माण कार्य चल रहा था. इसी दौरान यह हादसा हो गया.
वन विभाग की जमीन पर बिना अनुमति हो रहा था काम
जानकारी के मुताबिक, जिस जगह सड़क निर्माण का काम चल रहा था, वह वन विभाग की जमीन है. यहां ग्रामीण बिना अनुमति के सड़क बनवा रहे थे. यह इलाका उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली में आता है. हादसे के बाद सड़क निर्माण की अनुमति और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

CM भजनलाल शर्मा ने जताया दुख, पीड़ित परिवारों की मदद के निर्देश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने झुंझुनूं जिले में करंट लगने से हुई मजदूरों की मौत पर गहरा दुख जताया है. सीएम ने प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर घटना की जानकारी ली. साथ ही घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने हादसे के कारणों की विस्तार से जानकारी भी ली. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करेगी.
विधायक भगवानाराम सैनी ने जताया दुख
हादसे को लेकर विधायक भगवानाराम सैनी ने दुख जताया. उन्होंने कहा, "यह हादसा दुखद है. मेरी पूरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. घटनास्थल पर पहुंचने के बाद ही मैं इस बारे में कुछ कह पाऊंगा."
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर बोले- लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि सड़क का निर्माण जनसहयोग और भामाशाहों की मदद से कराया जा रहा था. इसी दौरान मशीन 11 केवी बिजली लाइन से टकरा गई, जिससे करंट फैल गया. उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे पहली प्राथमिकता करंट से झुलसे लोगों को इलाज उपलब्ध कराना है. अजमेर से तकनीकी निदेशक को भी मौके पर भेजा गया है. जांच में अगर किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.