पहले खाद के लिए धरना, फिर दर्ज हुआ मुकदमा: छबड़ा में नरेश मीणा पर क्यों हुई कार्रवाई?
राजस्थान में 25 अक्टूबर को जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा. 29-30 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में आंधी, तेज हवाओं और बारिश की संभावना है.
बारां जिले के छबड़ा में किसानों को खाद दिलाने की मांग को लेकर हुए आंदोलन के बाद किसान नेता नरेश मीणा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. छबड़ा थाने में अधिकारियों को धमकाने समेत 8 धाराओं में मामला दर्ज हुआ है. नरेश मीणा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी और आरोप लगाया कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के दबाव में केस दर्ज कराया है.
22 अक्टूबर को खाद की मांग को लेकर किया था आंदोलन
छबड़ा में 22 अक्टूबर को खाद नहीं मिलने से परेशान किसानों ने हाईवे जाम कर दिया था. सूचना मिलने पर नरेश मीणा भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने किसानों के साथ खेल मैदान में पहुंचकर पेड़ पर चढ़कर संबोधित किया. इसके बाद हजारों किसानों के साथ एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए. छबड़ा एसडीएम सपना कुमारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों और नरेश मीणा से बातचीत की. इसके बाद प्रशासन ने पुलिस की निगरानी में डीएपी के टोकन बांटने की व्यवस्था शुरू करवाई थी.
नरेश मीणा बोले- चुनाव खराब करने के लिए जेल भेज सकती है सरकार
नरेश मीणा ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उनके खिलाफ प्रकरण संख्या 463/26 में मामला दर्ज हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव के बीच उन्हें जेल भेजकर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है. उन्होंने कहा कि जेल जाने के बाद भी जनता उनका साथ देगी और हाथी चुनाव चिह्न पर वोट देकर पंचायतराज चुनाव में उनका बोर्ड बनाएगी.
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बोले- किसानों के लिए लड़ता रहूंगा
नरेश मीणा ने कहा कि खाद आंदोलन के दौरान बड़े लोगों को खाद मिल रहा था, लेकिन गरीब किसानों को परेशानी हो रही थी. उनके मुताबिक, गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे भी 14-14 घंटे तक खाद की लाइन में खड़े थे. उन्होंने कहा कि किसानों की परेशानी देखकर उन्होंने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया और अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाई. नरेश मीणा ने दावा किया कि सरकार अब तक उनके खिलाफ 40 से ज्यादा मुकदमे दर्ज करा चुकी है. उन्होंने यह भी कहा कि पिपलौदी में बच्चों की मौत के मामले में मदद और आंदोलन करने के कारण उन्हें 45 दिन जेल में रखा गया था.
बोले- जेल में डाल सकते हैं, मेरी सोच को नहीं
नरेश मीणा ने कहा कि वह किसानों के हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा, “मैं किसान हूं, किसान के लिए प्राण देने पड़े तो दूंगा, पर किसान पर अत्याचार नहीं होने दूंगा.” उन्होंने भरोसा जताया कि अगर उन्हें जेल भेजा गया, तब भी लोग उनके समर्थन में सड़कों पर उतरेंगे. उन्होंने कहा कि वह डरने वाले नहीं हैं और हाथी चुनाव चिह्न के साथ पंचायतराज चुनाव में अपना बोर्ड बनाने का लक्ष्य रखेंगे.