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दूध के दाम बढ़ाने की मुहिम राजस्थान तक पहुंची, झुंझुनूं में किसानों का ऐलान- मांग पूरी होने तक दूध बंद

Jhunjhunu Farmers Protest: देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में दूध के उचित दाम को लेकर पशुपालकों की मांग तेज होती दिख रही है. हरियाणा में हाल के दिनों में पशुपालकों ने बढ़ती चारा और पशु आहार की लागत के बीच दूध के भाव बढ़ाने की मांग उठाई थी. अब राजस्थान के झुंझुनूं जिले में भी किसानों ने दूध के मौजूदा भाव को लेकर प्रदर्शन किया है. केहरपुरा कलां में सखी डेयरी पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने 3 अक्टूबर तक दूध की पूर्ण बंदी का ऐलान किया है.

दूध के दाम बढ़ाने की मुहिम राजस्थान तक पहुंची, झुंझुनूं में किसानों का ऐलान- मांग पूरी होने तक दूध बंद
Image Credit: Jhunjhunu Farmers Protest

Milk Price Hike: हरियाणा के बाद राजस्थान में भी दूध के उचित दाम को लेकर किसानों की आवाज तेज होती दिख रही है. बढ़ती पशु आहार और चारे की कीमतों के बीच पशुपालक दूध के मौजूदा भाव को लागत के मुकाबले कम बता रहे हैं. हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में हाल के दिनों में दूध के भाव बढ़ाने की मांग सामने आने के बाद अब राजस्थान के झुंझुनूं जिले में भी किसानों ने इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया है. हालांकि, दोनों राज्यों में किसानों की मांग और आंदोलन का स्वरूप अलग-अलग है.

झुंझुनूं जिले के केहरपुरा कलां में किसानों ने दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर सखी डेयरी पर प्रदर्शन किया. किसानों ने डेयरी प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए 3 अक्टूबर तक दूध की पूर्ण बंदी का ऐलान किया है. किसानों का कहना है कि इस दौरान वे डेयरी में दूध का संग्रह नहीं करवाएंगे. उनका कहना है कि पशुपालन की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन दूध के भाव उसी अनुपात में नहीं बढ़े हैं.

किसानों के मुताबिक पशुओं के लिए हरा चारा, सूखा चारा, खल, दाना और अन्य पशु आहार लगातार महंगे हो रहे हैं. इससे पशुओं को पालने और दूध उत्पादन पर होने वाला खर्च बढ़ गया है. किसानों का कहना है कि मौजूदा भाव में दूध बेचने से पशुपालकों के लिए पशुपालन करना मुश्किल होता जा रहा है. प्रदर्शन कर रहे किसानों ने गाय के दूध का भाव 60 रुपये और भैंस के दूध का भाव 100 रुपये प्रति लीटर करने की मांग रखी है. किसानों ने कहा कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

किसानों ने बंदी के दौरान दूध संग्रह को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है. उनका कहना है कि अगर सखी डेयरी की ओर से दूध का कलेक्शन किया गया तो भी दूध को डेयरी परिसर से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा. किसानों ने कहा कि आंदोलन के दौरान डेयरी परिसर में किसी भी तरह का दूध संग्रह नहीं होने दिया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी डेयरी प्रबंधन की होगी. आंदोलन को लेकर दूध के दाम बढ़ाने संघर्ष समिति भी सक्रिय है. समिति से जुड़े किसान नेताओं ने किठाना, पदमपुरा और श्यामपुरा गांवों में किसानों से संपर्क किया है. इस दौरान आंदोलन की मांगों और आगे की रणनीति को लेकर किसानों से चर्चा की गई.

इस तरह बढ़ती पशुपालन लागत और दूध के उचित भाव का मुद्दा राजस्थान में भी सामने आया है. फिलहाल केहरपुरा कलां के किसानों ने 3 अक्टूबर तक दूध बंद रखने का ऐलान किया है. आगे आंदोलन किस रूप में बढ़ता है और दूध के भाव को लेकर किसानों तथा डेयरी प्रबंधन के बीच क्या सहमति बनती है, इस पर नजर रहेगी.
 

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About the Author

Ansh Raj

Ansh Raj

अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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