ऑक्सीजन सपोर्ट पर नरेश मीणा, 10वें दिन बिगड़ी तबियत, अभी भी अनशन खत्म करने को नहीं तैयार!
Naresh Meena: राजस्थान के बारां जिले में किसानों की आठ सूत्रीय मांगों को लेकर 2 अक्टूबर से आमरण अनशन कर रहे किसान नेता नरेश मीणा की 10वें दिन तबीयत बिगड़ गई. हालांकि, नरेश मीणा ने मांगें पूरी होने तक अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया है.
Baran News: राजस्थान के बारां जिले में किसानों की मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता नरेश मीणा की तबीयत बिगड़ गई है. नयागांव में 10 दिनों से अनशन पर बैठे नरेश मीणा को शनिवार शाम जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. लगातार भूखे रहने के कारण उनका शुगर लेवल गिर गया और ब्लड प्रेशर भी कम हो गया. फिलहाल उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है. हालांकि, अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उन्होंने अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया है.
शुगर लेवल 67 तक गिरा, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज
नरेश मीणा की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर ADM रामावतार मीणा, SDM और मेडिकल टीम अनशन स्थल पर पहुंची. अधिकारियों ने उन्हें अनशन समाप्त करने के लिए समझाया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे. इसके बाद उन्हें एम्बुलेंस से बारां जिला अस्पताल ले जाया गया.
अस्पताल में डॉ. हंसराज सुमन और डॉ. सतीश अग्रवाल की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका ब्लड शुगर लेवल 67 mg/dL और ब्लड प्रेशर 100/66 mmHg दर्ज किया गया. उन्हें ग्लूकोज मॉनिटरिंग पर रखा गया है और डॉक्टर लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं.
किसानों की 8 सूत्रीय मांगों को लेकर अनशन
नरेश मीणा ने 2 अक्टूबर को अपने पैतृक गांव नयागांव में किसानों की आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था. उनकी प्रमुख मांगों में DAP और यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता, निर्धारित कीमत पर खाद की बिक्री, खाद के साथ दूसरे सामान की टैगिंग बंद करना, नहरों में पानी की व्यवस्था और बिजली व सिंचाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान शामिल है.
किसानों का कहना है कि खेती के लिए खाद, पानी और बिजली की उपलब्धता बेहद जरूरी है. इन्हीं मुद्दों को लेकर नरेश मीणा प्रशासन से मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
जयपुर कूच के बाद गांव लौटे थे नरेश मीणा
प्रशासन से बातचीत में समाधान नहीं निकलने पर नरेश मीणा 3 अक्टूबर को समर्थकों के साथ जयपुर के लिए रवाना हुए थे. हालांकि, 7 अक्टूबर को जयपुर से करीब 30 किलोमीटर पहले शिवदासपुरा टोल पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया. वहां अधिकारियों के साथ मांगों पर सहमति बनने के बाद वे गांव लौट आए, लेकिन उन्होंने अनशन जारी रखा.
मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान
तबीयत बिगड़ने के बावजूद नरेश मीणा ने अनशन खत्म करने से इनकार किया है. उनका कहना है कि जब तक किसानों की मांगों को धरातल पर पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा. उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर के बाद अस्पताल और अनशन स्थल पर समर्थकों, ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जुट गई. परिजन लगातार उनसे अनशन समाप्त करने की अपील कर रहे हैं. अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और नरेश मीणा के स्वास्थ्य पर है.