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बिना माल सप्लाई किए काट रहे थे GST बिल, दिल्ली में तीन दिन छापेमारी, 4.58 करोड़ कैश मिला

फर्जी GST बिलिंग के जरिए करोड़ों की चोरी करने वाले सिंडिकेट का DGGI जयपुर जोन यूनिट ने खुलासा किया है. दिल्ली में तीन दिन की छापेमारी में 4.58 करोड़ रुपए नकद, लैपटॉप, मोबाइल, चेकबुक और अहम दस्तावेज जब्त किए गए.

Reported By Dinesh Tiwari Written By Ansh Raj
Published: Nov 01, 2026, 02:09 PM IST | Updated: Nov 01, 2026, 02:10 PM IST
Image Credit: GST Fraud
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फर्जी GST बिलिंग के जरिए करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी करने वाले सिंडिकेट का डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की जयपुर जोन यूनिट ने खुलासा किया है. जांच एजेंसी ने दिल्ली में सिंडिकेट से जुड़े लोगों के अलग-अलग ठिकानों पर लगातार तीन दिन तक छापेमारी की. इस दौरान 4 करोड़ 58 लाख 60 हजार रुपए नकद बरामद किए गए. कार्रवाई में लैपटॉप, मोबाइल फोन, बड़ी संख्या में चेकबुक और विभिन्न फर्मों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं.

बिना माल की सप्लाई के जारी कर रहे थे बिल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सिंडिकेट के सदस्य बिना किसी वास्तविक माल की सप्लाई किए फर्जी GST बिल जारी कर रहे थे. इन बिलों के जरिए अलग-अलग व्यापारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का फायदा दिया जा रहा था. इससे सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया जा रहा था. जांच एजेंसी अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि फर्जी बिलिंग के जरिए कितने व्यापारियों को ITC का लाभ दिया गया और इस नेटवर्क में कितनी फर्जी फर्में शामिल हैं.

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RTGS के बदले नकद पहुंचाने का खेल
जांच में सिंडिकेट के बैंकिंग लेन-देन और नकदी के इस्तेमाल का तरीका भी सामने आया है. बताया जा रहा है कि RTGS के जरिए बैंक खातों में लेन-देन दिखाया जाता था, जबकि इसके बदले संबंधित व्यापारियों तक नकद राशि पहुंचाई जा रही थी. इस तरह फर्जी बिलों के जरिए ITC का फायदा देने और उसके बदले कैश का लेन-देन करने का नेटवर्क चलाया जा रहा था.

विपुल गोयल की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में विपुल गोयल की भूमिका भी जांच के दायरे में है. DGGI की टीम अब छापेमारी में जब्त किए गए दस्तावेजों, लैपटॉप, मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है. इसके साथ ही बैंक खातों में हुए लेन-देन की पड़ताल की जा रही है, ताकि सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी फर्मों के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके. जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई इसी जांच के आधार पर होगी.
 

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जी राजस्थान में सीनियर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत दिनेश तिवारी पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से सक्रिय हैं. जी राजस्थान में वे मुख्य रूप से यूडीएच और जेडीए से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं, जहां आमजन से जुड़ी सड़क, पानी और सीवरेज समस्याओं को लगातार उठाते रहे हैं. दिनेश तिवारी शिक्षा बीट पर भी मजबूत पकड़ रखते हैं.  इसके साथ ही खेल जगत से जुड़ी खबरों की कवरेज में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है. जमीनी मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और आमजन की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने में दिनेश तिवारी की पहचान एक सक्रिय पत्रकार के रूप में बनी है. जी राजस्थान से पहले दिनेश तिवारी ETV Bharat, Rajasthan Patrika, First India News और A1TV में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
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