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डूंगरपुर जिले में पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण के तहत सुबह 7 बजे मतदान शुरू हो गया. जिला परिषद के 17 वार्ड और 7 पंचायत समितियों के 115 वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. मतदान के लिए जिले में कुल 572 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 5 लाख 16 हजार 532 मतदाता वोट डालेंगे. सुबह मतदान शुरू होते ही लोग केंद्रों पर पहुंचने लगे. हालांकि शुरुआती घंटों में मतदाताओं की संख्या कम दिखाई दी. दिन चढ़ने के साथ मतदान केंद्रों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है. मतदान को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
572 मतदान केंद्रों पर हो रही वोटिंग
दूसरे चरण में जिला परिषद के 17 वार्डों के लिए 58 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. वहीं, जिले की 7 पंचायत समितियों की 115 सीटों पर 376 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें डूंगरपुर, आसपुर, बिछीवाड़ा, दोवड़ा, साबला, गामड़ी अहाड़ा और देवल पंचायत समितियां शामिल हैं. सभी सीटों पर मतदान कराने के लिए 572 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं. इन केंद्रों पर 5,16,532 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
मतदान शुरू होने के बाद सुबह से ही मतदाता केंद्रों पर पहुंचने लगे. शुरुआती समय में केंद्रों पर अपेक्षाकृत कम भीड़ नजर आई. चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
बिलडी बूथ पर ईवीएम खराब, करीब 35 मिनट रुका मतदान
डूंगरपुर पंचायत समिति के बिलडी मतदान केंद्र के बूथ संख्या 41 पर ईवीएम में खराबी आने से मतदान शुरू होने में देरी हुई. सुबह 7 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी, जिससे वोट डालने पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. कुछ मतदाता अपना कामकाज छोड़कर मतदान करने आए थे, लेकिन मशीन में तकनीकी खराबी के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ा.
करीब 35 मिनट बाद ईवीएम को ठीक किया गया, जिसके बाद बूथ पर मतदान शुरू हो सका. इस तकनीकी समस्या के कारण शुरुआती मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई.
भाजपा, कांग्रेस और बीएपी के दिग्गज मैदान में
दूसरे चरण के चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और बीएपी के कई प्रमुख नेता भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. भाजपा की ओर से पूर्व विधायक देवेंद्र कटारा और पूर्व जिलाध्यक्ष वेलजी पटेल चुनाव मैदान में हैं. कांग्रेस से पूर्व विधायक पूंजीलाल परमार, पूर्व जिला प्रमुख रतन देवी भराड़ा और पूर्व उप जिला प्रमुख प्रेमकुमार पाटीदार मुकाबले में शामिल हैं.
वहीं, बीएपी की ओर से राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य कांति भाई रोत और पूर्व जिलाध्यक्ष अनुतोष रोत भी चुनाव लड़ रहे हैं. प्रमुख नेताओं की मौजूदगी के कारण इन चुनावों पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं. अब मतदान के बाद चुनाव परिणाम से ही प्रत्याशियों की स्थिति साफ होगी.
Reporter- Akhilesh Sharma