पटाखों से जलने पर घी, मक्खन या बर्फ लगाना पड़ सकता है भारी, जयपुर के एक्सपर्ट्स ने दी ये सलाह
दिवाली पर पटाखे जलाते समय थोड़ी लापरवाही गंभीर चोट का कारण बन सकती है. जानिए पटाखों से जलने या आंखों में चिंगारी जाने पर क्या करें, किन घरेलू नुस्खों से बचें और डॉक्टर की जरूरी सलाह.
दिवाली खुशियों, रोशनी, मिठाइयों और आतिशबाजी का त्योहार है. इस दिन बच्चे हों या बड़े, सभी पटाखे जलाकर उत्सव मनाना पसंद करते हैं. जरा-सी लापरवाही त्योहार की खुशियों को परेशानी में बदल सकती है. पटाखों से हाथ-पैर जलने, उंगलियों में चोट लगने और आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है. कई बार छोटी-सी चोट भी सही समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण गंभीर रूप ले सकती है. चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर पटाखों से होने वाली अधिकांश दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है. वहीं, हादसा होने पर शुरुआती मिनटों में सही प्राथमिक उपचार देना भी बेहद जरूरी है.
पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना जरूरी
जयपुर के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. संदीपन मुकुल के मुताबिक, दिवाली के दौरान हर साल अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड में जलने और आंखों में चोट लगने के कई गंभीर मामले पहुंचते हैं. इनमें से ज्यादातर घटनाएं थोड़ी सावधानी बरतकर टाली जा सकती हैं. उनका कहना है कि जलने पर घी, मक्खन और बर्फ जैसी चीजें लगाने से बचना चाहिए. ऐसे घरेलू उपाय त्वचा और अंदरूनी ऊतकों को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं. इससे सही चिकित्सा उपचार में भी परेशानी आती है. इसलिए पटाखे जलाते समय सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है. खासकर बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें और आसपास पानी की व्यवस्था जरूर रखें.
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पटाखे जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
बच्चों को हमेशा किसी बड़े व्यक्ति की निगरानी में ही पटाखे जलाने दें.
पटाखों को हाथ में पकड़कर जलाने की गलती न करें. उन्हें जमीन पर रखकर सुरक्षित दूरी बनाएं.
आतिशबाजी के लिए खुले स्थान का चुनाव करें. वाहनों, पेट्रोल, गैस सिलेंडर, बिजली के उपकरणों और ज्वलनशील वस्तुओं के पास पटाखे न जलाएं.
दिवाली पर सूती और शरीर के हिसाब से फिट कपड़े पहनें. ढीले और सिंथेटिक कपड़ों से बचें, क्योंकि इनमें आग तेजी से पकड़ सकती है. पैरों में बंद जूते पहनना बेहतर है.
पटाखे जलाने वाली जगह पर पानी की बाल्टी, रेत या फायर एक्सटिंग्विशर जरूर रखें.
बुजुर्गों और अस्थमा या सांस संबंधी बीमारियों से परेशान लोगों को पटाखों के धुएं से दूर रखें. उनके लिए हवादार जगह पर रहना बेहतर है.
पटाखों से जलने पर तुरंत क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति का शरीर पटाखे से जल जाता है, तो सबसे पहले उसे आग या गर्मी के स्रोत से दूर ले जाएं. शरीर पर आग लगी हो तो उसे तुरंत बुझाएं. इसके बाद जले हुए हिस्से को करीब 20 मिनट तक नल के नीचे बहते ठंडे पानी से ठंडा करें.
सूजन आने से पहले अंगूठी, घड़ी और शरीर पर पहने तंग कपड़े हटा दें. हालांकि, यदि कपड़ा या कोई दूसरी चीज त्वचा से चिपक गई है, तो उसे जबरदस्ती खींचकर न निकालें. जले हुए हिस्से को ठंडा करने के बाद साफ, स्टेराइल और रोएं रहित ड्रेसिंग या क्लिंग फिल्म से हल्के हाथों ढक दें.
जलने पर भूलकर भी न करें ये गलतियां
जले हुए हिस्से पर बने फफोलों को फोड़ने से बचें. त्वचा से चिपके कपड़ों को खींचकर निकालने की कोशिश न करें. इसके अलावा जले हुए स्थान पर टूथपेस्ट, घी, मक्खन, तेल या बर्फ लगाने से बचें. डॉक्टर की सलाह के बिना किसी क्रीम या मलहम का इस्तेमाल भी न करें.
पटाखों से आंखों में चोट लगे तो क्या करें?
पटाखों की चिंगारी या रासायनिक पदार्थ आंखों में जाने पर उन्हें बिल्कुल न रगड़ें और न ही दबाव डालें. यदि आंख में धूल या छोटा कण चला गया है, तो साफ बहते पानी या स्टेराइल सलाइन से धीरे-धीरे धोएं.
रासायनिक पदार्थ आंख में जाने की आशंका हो तो पलकों को खुला रखकर कम से कम 15 से 20 मिनट तक लगातार साफ पानी से आंख धोएं. इसके बाद तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें. बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप या घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल न करें.
आंखों में ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
पटाखों से जुड़ी किसी घटना के बाद आंखों में दर्द, लालिमा, खून आना, धुंधला दिखाई देना या नजर कमजोर होने जैसी परेशानी हो तो देर न करें. तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से जांच कराएं. दिवाली का असली आनंद तभी है, जब त्योहार सुरक्षित तरीके से मनाया जाए और खुशियों के साथ कोई हादसा न जुड़े.