IAS शिखर अग्रवाल से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में FIR की मांग, 16 नवंबर को हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
अजबगढ़-बुझडा विला-कॉटेज खरीद मामले में FIR की मांग को लेकर RTI कार्यकर्ता अशोक पाठक ने CM भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा है. उन्होंने PE को FIR में बदलने की मांग की और कार्रवाई नहीं होने पर 16 नवंबर को हाईकोर्ट में CBI जांच के लिए PIL की चेतावनी दी.
राजस्थान के अजबगढ़-बुझडा विला और कॉटेज खरीद मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं. RTI कार्यकर्ता अशोक पाठक ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर मामले में FIR दर्ज करने की मांग की है. उनका कहना है कि ACB की ओर से प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज किए जाने के 10 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं हुई है. उन्होंने PE को FIR में बदलकर जल्द और निष्पक्ष जांच शुरू करने की मांग की है.
अशोक पाठक ने पत्र में IAS शिखर अग्रवाल से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर FIR दर्ज नहीं की गई तो 16 नवंबर को राजस्थान हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग को लेकर जनहित याचिका पेश करेंगे.
शांति धारीवाल और जीएस संधु का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में अशोक पाठक ने पूर्व मंत्री शांति धारीवाल और अतिरिक्त मुख्य सचिव जीएस संधु का नाम लेते हुए सवाल उठाए हैं. उन्होंने एकल पट्टा प्रकरण का भी उल्लेख किया और कहा कि वे सूचना के अधिकार के माध्यम से समय-समय पर उच्च स्तर पर हुए कथित घोटालों को सामने लाते रहे हैं. पाठक ने पत्र में कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत इस मामले में भी तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रारंभिक जांच को मुकदमे में बदलकर जांच आगे बढ़ाई जाए.
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दिल्ली में पैरवी किए जाने का आरोप
अशोक पाठक ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि दिल्ली में कुछ प्रभावशाली लोग मामले में संभावित आरोपियों को बचाने के लिए पैरवी कर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि PE दर्ज होने के 10 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं होने की वजह क्या है. हालांकि, यह आरोप पत्र में लगाए गए हैं, इनकी स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है.
FIR नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाएंगे
अशोक पाठक ने मुख्यमंत्री से एक सप्ताह के भीतर FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू करवाने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो 16 नवंबर को राजस्थान हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग को लेकर जनहित याचिका पेश की जाएगी. उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग और पुलिस महानिदेशक ACB को भी भेजी है. अब इस मामले में मुख्यमंत्री और ACB की ओर से आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी.