)
राजस्थान के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर सहित परिवार के सदस्यों के नाम पर उदयपुर और अलवर में 40 कॉटेज खरीदे जाने का मामला इन दिनों प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में चर्चा का विषय बना हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईएएस दंपति ने अपने दोनों बेटों और सास-ससुर के नाम पर एक ही बिल्डर ग्रुप से ये कॉटेज खरीदे हैं. इस पूरे मामले के सामने आने के बाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल को एपीओ कर दिया गया है. हालांकि, एपीओ किए जाने के आधिकारिक आदेश में इस प्रॉपर्टी खरीद प्रकरण या कथित भ्रष्टाचार को कारण नहीं बताया गया है. जानकारी के अनुसार, अलवर जिले की थानागाजी तहसील के अजबगढ़ स्थित अनंता रिजॉर्ट में 20 कॉटेज और उदयपुर के बुझेड़ा स्थित प्रोजेक्ट में 20 कॉटेज खरीदे गए हैं. इनकी कुल खरीद कीमत करीब छह करोड़ रुपये बताई जा रही है. हालांकि, प्रॉपर्टी की वास्तविक बाजार कीमत इससे कहीं अधिक होने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं.
अलवर के अजबगढ़ में स्थित अनंता रिजॉर्ट करीब 25 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां लगभग 135 कॉटेज बने हुए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएएस दंपति और उनके परिवार के सदस्यों ने गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से इस प्रोजेक्ट में 20 विला खरीदे. वहीं, उदयपुर के बुझेड़ा में भी इसी ग्रुप से 20 विला खरीदे जाने की बात सामने आई है. बताया जा रहा है कि सभी कॉटेज की खरीद करीब छह करोड़ रुपये में की गई. इस प्रॉपर्टी खरीद की सबसे अहम बात यह है कि कॉटेज खरीदने के बाद इन्हें वापस उसी बिल्डर ग्रुप को लीज पर दे दिया गया. इसके बदले आईएएस परिवार को सालाना करीब एक करोड़ 80 लाख रुपये किराया मिलने की बात कही जा रही है. कुछ कॉटेज के बुकिंग रिकॉर्ड में भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है.
एपीओ किए जाने के बाद चर्चा में आया मामला
मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल की प्रशासनिक भूमिका भी चर्चा में है. वे राजस्थान सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) के पद पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे. इसके साथ ही उनके पास उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी थी. प्रकरण के सुर्खियों में आने के बाद उन्हें एपीओ कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि शिखर अग्रवाल फिलहाल विदेश दौरे पर हैं और 12 नवंबर को वापस लौटेंगे.
जी मीडिया की टीम पहुंची अनंता रिजॉर्ट
इस पूरे मामले की पड़ताल के लिए जी मीडिया के संवाददाता जुगल गांधी भी अलवर के अजबगढ़ स्थित अनंता रिजॉर्ट पहुंचे. यहां होटल के मैनेजर अवीक माथुर से कॉटेज की खरीद और उनके स्वामित्व को लेकर जानकारी लेने का प्रयास किया गया. इस पर मैनेजर ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि कॉटेज किन लोगों के नाम पर हैं. होटल प्रबंधन की ओर से केवल होटल के संचालन (ऑपरेशंस) का काम संभाला जाता है. इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जयपुर स्थित कार्यालय से संपर्क करना होगा. फिलहाल, वरिष्ठ आईएएस दंपति और उनके परिवार के नाम पर करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी खरीदने, उसी बिल्डर ग्रुप को लीज पर देने और उससे मिलने वाले सालाना किराये को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. हालांकि, इस पूरे प्रकरण में संपत्तियों की वास्तविक कीमत, खरीद के वित्तीय स्रोत और संबंधित लेन-देन को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है.
रिपोर्टर--जुगल किशोर