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Jhunjhunu News: राजस्थान के झुंझुनू जिले की बिसाऊ नगर पालिका अध्यक्ष के विजय जुलूस के दौरान हुए पथराव के बाद भगवा को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में बिसाऊ कस्बे के गांधी चौक में बड़ा घटनाक्रम सामने आया. विवादित बयान के बाद कांग्रेस नेता सुरेश महला ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपनी टिप्पणी पर खेद जताया.
भगवा कुर्ते में माफी मांगने पहुंचे कांग्रेस नेता सुरेश महला
खास बात यह रही कि जिस समय सुरेश महला ने विवादित बयान दिया था. उस समय उन्होंने सफेद कुर्ता पहन रखा था, जबकि सार्वजनिक माफी मांगने गांधी चौक पहुंचे, तो भगवा कुर्ते में नजर आए. उन्होंने जय श्रीराम का नारा भी लगाया और खुद को सनातनी बताते हुए अपनी कही बात को वापस लिया.
सुरेश महला ने इसे बताया "टंग स्लिप"
सुरेश महला ने माफी मांगते हुए कहा कि उनके मुंह से निकले शब्दों के पीछे सनातन धर्म के खिलाफ कोई भावना नहीं थी. उन्होंने इसे "टंग स्लिप" बताते हुए कहा कि यह न तो पहले से योजनाबद्ध था और न ही किसी दुर्भावना से कहा गया था. उन्होंने कहा कि वे स्वयं सनातनी हैं और अपने धर्म के लोगों से इसके लिए माफी मांगते हैं. उन्होंने भगवान बालाजी और विष्णु भगवान को साक्षी मानकर अपनी बात कही और विवादित शब्दों को वापस लेने की बात कही.
विजय जुलूस के दौरान बीजेपी और भगवा को लेकर की थी टिप्पणी
गौरतलब है कि 2-3 दिन पहले विजय जुलूस के दौरान हुए विवाद के बाद सुरेश महला ने बीजेपी और भगवा को लेकर तीखी टिप्पणी की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि "बीजेपी के भगवा गुंडों ने आतंक मचाया" और महिलाओं पर हमला तथा गाड़ियों के शीशे तोड़ने जैसे आरोप लगाए थे. इसी बयान के बाद विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष मुकेश सिंह परिहार ने पुलिस थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी.
बिसाऊ कस्बे के गांधी चौक में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सनातन और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे. गोगामेड़ी महंत रविनाथ, विश्व हिंदू परिषद प्रखंड अध्यक्ष मुकेश सिंह परिहार, बजरंग दल संयोजक मनोज सैन, पूर्व पालिकाध्यक्ष हारून खत्री, गौरक्षा संरक्षण दल के नूतन सिहाग, विजय सैनी और सुभाष खटीक सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे.
सुरेश महला ने सार्वजनिक रूप से मांगी माफी
कार्यक्रम में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और भविष्य में इस प्रकार की विवादित टिप्पणियों से बचने पर जोर दिया गया. कार्यक्रम के दौरान सुरेश महला ने अपनी टिप्पणी पर खेद जताया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. जय श्रीराम का नारा लगाते हुए उन्होंने विवादित शब्द वापस लेने की बात कही. सार्वजनिक माफी के बाद मामले को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया गया.