)
इंडिया गठबंधन के घटक दल कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का बिगुल फूंक दिया है. कांग्रेस ने इस आंदोलन को ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ नाम दिया है. राजस्थान में भी कांग्रेस की ओर से व्यापक विरोध प्रदर्शन किए जाने की तैयारी है. इसके तहत सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट सर्किल पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. पार्टी ने राज्यभर में अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्रदर्शन में शामिल होने के निर्देश दिए हैं.
कांग्रेस मनाएगी ‘काला दिवस’
कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपने विरोध को लेकर देशभर में ‘काला दिवस’ मनाने का ऐलान किया है. पार्टी के मुताबिक राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे. राजस्थान में भी सभी स्तरों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही कई स्थानों पर पुतला दहन करने की भी तैयारी है.
PCC, DCC और ब्लॉक कमेटियों को निर्देश
AICC महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC), जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को विरोध प्रदर्शन को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं. पार्टी ने स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है. कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और विपक्षी दलों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.
राहुल-प्रियंका से कथित दुर्व्यवहार का आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी के सांसदों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और बल प्रयोग किया गया. पार्टी ने इस कार्रवाई को भारतीय लोकतंत्र और विपक्ष के अधिकारों पर हमला बताया है. कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष को अपनी बात रखने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाने का लोकतांत्रिक अधिकार है.
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की है. इसके साथ ही पार्टी ने चुनावी व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को दूर करने की मांग भी उठाई है. कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का समाधान किया जाना चाहिए और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत किया जाना चाहिए. राजस्थान में होने वाले विरोध प्रदर्शनों के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे. पार्टी ने राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के संगठन को आंदोलन को व्यापक बनाने के निर्देश दिए हैं.