मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, जल उपलब्धता और राजस्थान के विकास को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. शेखावाटी हेरिटेज एवं विकास समिट-2026 में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शेखावाटी की हवेलियां राजस्थान की समृद्ध विरासत हैं. इनके मूल स्वरूप के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए. हवेलियों के संरक्षण के साथ क्षेत्र की पारंपरिक चित्रकारी करने वाले कलाकारों को भी आगे लाया जाएगा.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शेखावाटी क्षेत्रवासियों का अभिनंदन करते हुए क्षेत्र के देवी-देवताओं का स्मरण किया. उन्होंने कहा कि शेखावाटी ने वीरता और पराक्रम की बदौलत देशभर में अपनी पहचान बनाई है. देश में कहीं भी जाने पर उन्हें शेखावाटी के प्रवासी लोग मिलते हैं. प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी मिट्टी का मान-सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ाया है, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है.
मुख्यमंत्री ने हवेलियों के संरक्षण का अनुभव साझा करते हुए बताया कि शेखावाटी की यात्रा के दौरान कुछ हवेलियों के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ देखकर उन्हें दुख हुआ था. इस पर उन्होंने तत्काल जिला कलेक्टर को आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को बचाए रखना सरकार की प्राथमिकता है.
CM भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए गए "एक पेड़ मां के नाम" अभियान का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि राजस्थान में इस अभियान के तहत 29 करोड़ पौधे लगाए गए हैं. जल संकट पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने गठन के बाद प्रदेश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास का रोडमैप तैयार किया.
यमुना जल समझौते पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि शेखावाटी के खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी और जीण माता के आशीर्वाद से हरियाणा में भाजपा की सरकार बनी. चूरू में 800 करोड़ रुपये के रिजर्वायर का शिलान्यास हो चुका है. आने वाले समय में पूरे शेखावाटी क्षेत्र को पानी उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा.