सरदारशहर में बस स्टैंड के लिए आर-पार की लड़ाई: प्रशासन के खिलाफ फिर सड़क पर उतरे ऑपरेटर, बसें बंद करने की दी चेतावनी
सरदारशहर में कच्चा बस स्टैंड निजी बसों के लिए बहाल करने की मांग को लेकर बस ऑपरेटरों और व्यापारियों ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है. ऑपरेटरों का आरोप है कि प्रशासन ने समाधान के लिए समय मांगा था, लेकिन तय समय बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उनकी मांग है कि हाथ ठेला संचालकों को व्यवस्थित स्थान देकर कच्चा बस स्टैंड बसों के लिए वापस किया जाए.
Churu News: राजस्थान के चूरू जिले के सरदारशहर कच्चा बस स्टैंड से हाथ ठेलों को हटाकर निजी बसों के लिए बस स्टैंड बहाल करने की मांग को लेकर निजी बस ऑपरेटरों और व्यापारियों ने एक बार फिर आंदोलन शुरू कर दिया है. इस बार धरना कच्चा बस स्टैंड पर नहीं, बल्कि नगर परिषद कार्यालय के आगे शुरू किया गया है. बीते दिन मंगलवार देर शाम से शुरू हुए अनिश्चितकालीन धरने में बड़ी संख्या में बस ऑपरेटर और व्यापारी शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
समाधान नहीं होने पर फिर आंदोलन
निजी बस ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि कुछ वक्त पहले निजी बसों का 11 दिन तक अनिश्चितकालीन चक्का जाम और 7 दिन का आमरण अनशन किया गया था. इस दौरान प्रशासन ने 15 दिन का समय मांगा था, जिसके बाद अस्थाई बस स्टैंड से बसों का संचालन शुरू कर दिया गया लेकिन करीब एक महीने बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर दोबारा आंदोलन का फैसला ले लिया गया.
7 दिन का समय मांगा, 5 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं
उन्होंने कहा कि 5 दिन पहले प्रशासन को निजी बसों का संचालन बंद करने की चेतावनी दी गई थी. प्रशासन ने समय मांगे जाने पर 7 दिन का समय दिया, लेकिन अब 5 दिन बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. वहीं, बस ऑपरेटर राजेंद्र कुमार सारण ने नगर परिषद आयुक्त मगराज डूडी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन को हमारी एक ही मांग है-'हमें हमारा बस स्टैंड वापस चाहिए.'
हाथ ठेला संचालकों को व्यवस्थित करने की मांग
उन्होंने कहा कि हाथ ठेला संचालकों को भी बेरोजगार करना उद्देश्य नहीं है, लेकिन उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर व्यवस्थित किया जाए, ताकि बस स्टैंड पर यातायात सुचारू हो सके और हादसों पर रोक लगाई जा सकें. राजेंद्र कुमार सारण ने कहा कि अस्थाई बस स्टैंड पर पिछले एक महीने से अधिक समय से बसों का संचालन होने की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण झाड़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है.
अस्थाई बस स्टैंड पर महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी
बस ऑपरेटरों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. साथ ही उन्होंने ग्रामीण यात्रियों से संभावित परेशानी के लिए माफी मांगते हुए कहा कि अगर निजी बसों का संचालन बंद होता है तो इसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की होगी.
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
धरने की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आंदोलनकारी रात में भी धरना स्थल पर ही खुले आसमान के नीचे और मच्छरों के बीच सोते नजर आए. वहीं, कच्चा बस स्टैंड के व्यापारियों ने भी निजी बस ऑपरेटरों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है. व्यापारियों ने कहा कि अगर निजी बसों की हड़ताल होती है तो कच्चा बस स्टैंड का व्यापार भी पूरी तरह बंद रहेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.
Report- Navratan Prajapat