)
चूरू जिले के गांव पीथीसर के लाडले ट्रेनी अग्निवीर महेश कुमार मुहाल का पार्थिव देह रविवार को घर पहुंचा. इसके बाद चूरू से पीथीसर तक करीब 22 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकालकर वीर सपूत को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई. रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर अग्निवीर महेश को श्रद्धांजलि अर्पित की. देशभक्ति के नारों से पूरा माहौल गमगीन होने के साथ राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत हो गया. गांव के लाडले की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और जनप्रतिनिधि शामिल हुए.
महेश का पार्थिव देह गांव पहुंचते ही हर आंख नम हो गई. बेटे के पार्थिव देह को देखकर मां-पिता सहित परिवार के अन्य सदस्य बिलख पड़े. इस भावुक दृश्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर दिया. पिता लालचंद ने बेटे को सेल्यूट करते हुए कहा कि मैंने अपने बेटे को देश के नाम कर दिया है. मुझे इस पर गर्व है. पिता के इन शब्दों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया.
22 किलोमीटर तक निकाली तिरंगा यात्रा
चूरू से पीथीसर तक निकाली गई तिरंगा यात्रा में युवाओं और ग्रामीणों ने हाथों में तिरंगा लेकर भाग लिया. रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर अग्निवीर को श्रद्धांजलि दी. गांव घंटेल से युवा करीब 100 मीटर लंबे तिरंगे को अपने कंधों पर उठाकर महेश के घर तक लेकर पहुंचे. इस दौरान युवाओं ने 'जब तक सूरज चांद रहेगा, महेश तेरा नाम रहेगा' और 'महेश कुमार अमर रहें' के नारे लगाए. पूरा क्षेत्र देशभक्ति के नारों से गूंज उठा.
राजकीय सम्मान के साथ दिया गार्ड ऑफ ऑनर
ट्रेनी अग्निवीर महेश कुमार मुहाल का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया. टू राज राइफल सेंटर, बीकानेर से पहुंचे जवानों ने नायब सूबेदार विजयपाल सैनी और नायब सूबेदार बजरंग सिंह की मौजूदगी में गार्ड ऑफ ऑनर दिया. सेना के जवानों ने सैन्य सम्मान के साथ वीर सपूत को अंतिम विदाई दी. इसके बाद सेना के अधिकारियों ने तिरंगा ध्वज महेश के पिता लालचंद को सौंपा. छोटे भाई निर्मल ने अपने बड़े भाई को मुखाग्नि दी. इस दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई.
अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीण ने दी आधा बीघा जमीन
गांव के लाडले अग्निवीर महेश कुमार के अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीण राकेश मुहाल ने अपने खेत की आधा बीघा जमीन दी. राकेश के इस मानवीय और भावनात्मक कदम की ग्रामीणों ने सराहना की. इसी खेत में राजकीय सम्मान के साथ महेश का अंतिम संस्कार किया गया. छोटे भाई निर्मल ने बड़े भाई को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी. ग्रामीणों ने कहा कि महेश की शहादत और देश के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा.
छतों से महिलाओं और बच्चों ने की पुष्प वर्षा
महेश का पार्थिव देह गांव पहुंचने पर सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई. गांव की महिलाओं और युवतियों ने घरों की छतों पर चढ़कर पुष्प वर्षा की और नम आंखों से गांव के लाडले को विदाई दी. स्कूली बच्चे भी रास्ते के किनारे खड़े होकर पुष्प वर्षा करते नजर आए. हर कोई अपने गांव के वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचा. पूरे गांव में शोक की लहर छा गई.
जनप्रतिनिधियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
अग्निवीर महेश कुमार मुहाल को श्रद्धांजलि देने के लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, विधायक हरलाल सहारण, पीसीसी उपाध्यक्ष रफीक मंडेलिया, लोकसभा प्रत्याशी रहे देवेंद्र झाझड़िया, तहसीलदार ताराचंद मीणा, करणी सिंह रायपुरिया, मोहसिन खान इसेखानी, जंगशेर खां और आरिफ खान पीथीसर सहित अन्य लोग पहुंचे. सभी ने पुष्पचक्र अर्पित कर वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया.
Report- Navratan Prajapat