एक रुपए का भी घोटाला हुआ तो इस्तीफा: ₹500 के स्टाम्प पेपर पर 13 वादे, बीकानेर में सरपंच प्रत्याशी की अनोखी गारंटी
Rajasthan News: बीकानेर के पूगल क्षेत्र की आडूरी ग्राम पंचायत से सरपंच प्रत्याशी शिवलाल मेघवाल ने 500 रुपए के स्टाम्प पेपर पर 13 विकास कार्यों का वादा किया है. दो साल में वादे पूरे नहीं हुए तो इस्तीफा देंगे. भ्रष्टाचार साबित होने पर भी कुर्सी छोड़ने की शर्त रखी है.
Bikaner News: राजस्थान में पंचायत चुनाव के बीच बीकानेर जिले के पूगल क्षेत्र में सरपंच पद के एक प्रत्याशी ने अपने चुनावी वादों को लेकर अनोखा तरीका अपनाया है. ग्राम पंचायत आडूरी से चुनाव लड़ रहे शिवलाल मेघवाल ने 500 रुपए के स्टाम्प पेपर पर अपना घोषणा पत्र जारी किया है. इसमें उन्होंने पंचायत क्षेत्र के विकास से जुड़े 13 काम करवाने का वादा किया है. इतना ही नहीं, उन्होंने दो साल में वादे पूरे नहीं होने पर सरपंच पद छोड़ने और भ्रष्टाचार साबित होने पर इस्तीफा देने की शर्त भी रखी है. प्रत्याशी का यह कदम पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.
500 रुपए के स्टाम्प पेपर पर लिखे चुनावी वादे
पंचायत चुनाव में आमतौर पर उम्मीदवार ग्रामीणों के सामने विकास के वादे करते हैं और उन्हें पूरा करने का भरोसा दिलाते हैं. लेकिन आडूरी ग्राम पंचायत के सरपंच प्रत्याशी शिवलाल मेघवाल ने अपने वादों को लिखित रूप देने का फैसला किया. उन्होंने साधारण कागज या पर्चे के बजाय 500 रुपए के स्टाम्प पेपर पर अपना चुनावी घोषणा पत्र तैयार करवाया है. इसमें पंचायत क्षेत्र के विकास से जुड़े कुल 13 प्रमुख कामों का जिक्र किया गया है. प्रत्याशी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि चुनाव जीतकर सरपंच बनने पर इन कामों को प्राथमिकता से पूरा करवाएंगे.
दो साल में वादे पूरे नहीं हुए तो छोड़ देंगे कुर्सी
शिवलाल मेघवाल ने अपने घोषणा पत्र में विकास कार्यों को पूरा करने के लिए समय सीमा भी तय की है. उन्होंने स्टाम्प पेपर पर लिखकर वादा किया है कि अगर वे चुनाव जीतकर सरपंच बनते हैं, तो अगले दो साल के भीतर घोषित 13 विकास कार्यों को पूरा करवाएंगे. यदि वे तय समय में इन कामों को पूरा करने में नाकाम रहते हैं, तो सरपंच पद से इस्तीफा दे देंगे. चुनाव के दौरान किसी प्रत्याशी की ओर से इस तरह समय सीमा तय करना ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
एक रुपए का भी भ्रष्टाचार साबित हुआ तो इस्तीफा
सरपंच प्रत्याशी ने केवल विकास कार्यों को लेकर ही नहीं, बल्कि पंचायत में भ्रष्टाचार को लेकर भी शर्त रखी है. शिवलाल मेघवाल ने घोषणा पत्र में कहा है कि उनके पूरे कार्यकाल के दौरान पंचायत के किसी भी काम में एक रुपए का भी घोटाला या भ्रष्टाचार साबित होता है, तो वे बिना देरी किए सरपंच पद छोड़ देंगे. इस शर्त के जरिए उन्होंने ग्रामीणों को भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का संकल्प जताया है.
गांव की चौपाल से सोशल मीडिया तक चर्चा
आडूरी ग्राम पंचायत में सरपंच पद के प्रत्याशी शिवलाल मेघवाल का स्टाम्प पेपर पर घोषणा पत्र जारी करने का तरीका लोगों का ध्यान खींच रहा है. उनके 13 विकास कार्यों, दो साल की समय सीमा और भ्रष्टाचार साबित होने पर इस्तीफा देने की शर्त को लेकर चर्चा हो रही है. अब देखना होगा कि ग्रामीण उनके इन लिखित वादों पर कितना भरोसा जताते हैं और चुनाव में उन्हें कितना समर्थन मिलता है.