Bikaner News: राजस्थान के बीकानेर की पहचान सिर्फ अपने किले, हवेलियों और खान-पान से नहीं, बल्कि यहां की कला और कलाकारों से भी है. अब बीकानेर के एक कलाकार ने अपनी बारीक कला से ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे.
केवल 3.4 इंच की एक मिनिएचर पेंटिंग में हजारों नहीं बल्कि 17,480 पत्तियों को उकेर दिया गया है. इस अनोखी कलाकृति को इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड में जगह मिल चुकी है और अब कलाकार ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भी अपना नाम भेजा है .
40 साल से कला में जुटे हैं राजू स्वामी
ये तस्वीर जितनी छोटी दिखाई दे रही है, इसके पीछे की मेहनत उतनी ही बड़ी है. बीकानेर के कलाकार राजू स्वामी बीते करीब 40 सालों से पेंटिंग के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. खास बात यह है कि राजू स्वामी का पूरा फोकस Botanical Art पर है. पेड़-पौधों, पत्तियों और प्रकृति को बेहद बारीकी से कागज पर उतारना उनकी कला की खास पहचान है.
3.4 इंच की पेंटिंग में 17,480 पत्तियां
राजू स्वामी की 3.4 इंच की इस पेंटिंग में 17,480 पत्तियों को उकेरा गया है. इतनी छोटी सतह पर इतनी बड़ी संख्या में पत्तियों का चित्रण अपने आप में उनकी बारीक कला और धैर्य को दर्शाता है. इसी उपलब्धि के चलते उनकी इस पेंटिंग को इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है. अब इस कलाकृति को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कराने के लिए भी नाम भेजा गया है.
देश-विदेश तक पहुंची राजू स्वामी की कला
राजू स्वामी की कलाकृतियां सिर्फ बीकानेर तक सीमित नहीं हैं, उनकी कला को देखने और समझने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचते हैं. वहीं, विदेशी पर्यटक भी उनकी पेंटिंग्स में खास दिलचस्पी दिखाते हैं. उनकी एक पेंटिंग का चयन UNICEF के लिए भी हो चुका है.
भाई मुकेश भी कला को दे रहे साथ
खास बात यह है कि राजू स्वामी अकेले इस विरासत को आगे नहीं बढ़ा रहे, उनके भाई मुकेश स्वामी भी उनके साथ मिलकर मिनिएचर पेंटिंग का काम करते हैं. दोनों भाई उस कला को बचाने की कोशिश में जुटे हैं, जो आधुनिक दौर में धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है.
तीन पीढ़ियों से चली आ रही पेंटिंग की विरासत
स्वामी परिवार की ये कला आज की नहीं, बल्कि तीन पीढ़ियों से चली आ रही है. राजू और मुकेश के पिता भी इसी कला से जुड़े हुए थे. परिवार ने पेंटिंग को सिर्फ शौक नहीं बनाया, बल्कि इसी कला के जरिए अपनी रोजी-रोटी भी चलाई.
बीकानेर में मिनिएचर पेंटिंग के कुछ चुनिंदा कलाकार ही अब इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. ऐसे में राजू और मुकेश स्वामी की कोशिश सिर्फ एक रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं, बल्कि एक पुरानी कला और पारिवारिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की भी है.
Report- Raunak Vyas