भिवाड़ी बाईपास पर वर्षों बाद लौटी रौनक: गंदे पानी के विवाद में राजस्थान-हरियाणा ने निकाला रास्ता
राजस्थान-हरियाणा के बीच भिवाड़ी के गंदे पानी का विवाद वर्षों से लोगों की परेशानी बना हुआ है. अब भिवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगरपालिका की पहल से अलवर बाईपास पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई है. हालांकि, स्थायी समाधान की चुनौती अब भी बरकरार है.
राजस्थान और हरियाणा के बीच वर्षों से विवाद की वजह बना भिवाड़ी बाईपास का गंदा पानी अब लोगों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आया है. लंबे समय से बंद पड़े मार्ग पर एक बार फिर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है. जिससे कह सकते हैं कि भले ही समाधान अस्थायी हो, लेकिन भिवाड़ी के लोगों के लिए ये दीपावली की सौगात लेकर आया है.
स्थानीय निकायों की पहल से मिली राहत
भिवाड़ी नगर परिषद और हरियाणा के धारूहेड़ा नगरपालिका प्रशासन की पहल से वीरान पड़े अलवर बाईपास पर दोबारा चहल-पहल लौटने लगी है. भले ही फिलहाल यह समाधान अस्थायी हो, लेकिन दोनों राज्यों के स्थानीय निकायों के बीच बने आपसी सामंजस्य ने लोगों को बड़ी राहत दी है. सालों से गंदे पानी के विवाद के चलते बंद पड़े इस रास्ते से गुजरने के लिए वाहन चालकों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था.
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इस बार भिवाड़ी नगर परिषद ने पहल करते हुए बाईपास पर गंदे पानी की निकासी को नियंत्रित किया और मार्ग के एक हिस्से को बंद रखते हुए दूसरी तरफ से आवागमन शुरू कराया. हरियाणा के धारूहेड़ा नगरपालिका के प्रतिनिधियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए सहयोग का भरोसा दिया है. दोनों पक्षों की कोशिश है कि आपसी बातचीत और तालमेल से लोगों को राहत मिल सके.
मुख्यमंत्रियों से लेकर केंद्रीय मंत्री तक हो चुकी है बातचीत
गौरतलब है कि भिवाड़ी के गंदे पानी का यह विवाद कोई नया नहीं है. इस मामले को लेकर राजस्थान और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के स्तर तक बातचीत हो चुकी है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी दोनों राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं, लेकिन लंबे समय तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका. मामला अदालत तक पहुंच गया.
अस्थायी व्यवस्था को स्थायी समाधान में बदलने की चुनौती
अब स्थानीय स्तर पर हुई इस पहल से उम्मीद जगी है कि वर्षों से परेशानी झेल रहे लोगों को राहत मिलेगी. हालांकि, असली चुनौती इस अस्थायी व्यवस्था को स्थायी समाधान में बदलने की है, ताकि भविष्य में फिर से रास्ता बंद होने की नौबत न आए.
Reporter - Kuldeep Malwar