भीलवाड़ा में घर से निकले 2 बच्चे लापता: पुलिस CCTV से तलाश रही सुराग, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
Bhilwara Children Missing: भीलवाड़ा शहर के कलकिपुरा इलाके से दो बच्चे 4 अक्टूबर को घर से निकलने के बाद लापता हो गए. काफी तलाश के बावजूद दोनों का कोई सुराग नहीं मिला. परिजनों ने सुभाष नगर थाने में मामला दर्ज कराया है.
Bhilwara Children Missing: राजस्थान के भीलवाड़ा शहर के कलकिपुरा मोहल्ला वार्ड नंबर 38 मालियों का बड़ा मंदिर क्षेत्र से दो बच्चे लापता हो गए. बच्चों के लापता होने से इलाके में हड़कंप मच गया. क्षेत्र में रहने वाले दिव्यांशु सोनी (डुग्गू) और रजत जाट (भुंगड़ा) 4 अक्टूबर की सुबह करीब 11 बजे घर से निकले थे. इसके बाद दोनों वापस घर नहीं लौटे.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बच्चों के घर वापस नहीं लौटने पर परिजन और परिचित लगातार उनकी तलाश में जुटे गए, लेकिन अभी तक बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला है. दोनों बच्चों के लापता होने से माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. परिजनों ने सुभाष नगर थाने में बच्चों के लापता हो जाने का मामला दर्ज करवाया है. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस हरकत में आई और दोनों बच्चों की तलाश शुरू कर दी है.
बच्चों का नहीं मिला कोई सुराग
मिली जानकारी के अनुसार, कलकिपुरा में रहने वाले शारदा बाई और हेमेंत सोनी के पुत्र दिव्यांशु सोनी और रजत जाट कल सुबह घर से निकले थे. लेकिन वो दोनों दोपहर तक घर वापस नहीं आए, जब बच्चे दोपहर तक वापस घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की. परिजनों ने परिचितों के साथ आसपास के क्षेत्रों में देर शाम तक बच्चों की तलाश की. लेकिन बच्चों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा.
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस
बच्चों का का कुछ पता न चलने पर परिजनों ने पुलिस के पास जाना ही उचित समझा. परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया. पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और बच्चों के घर से निकलने के बाद उनकी गतिविधियों तथा संभावित दिशा का पता लगाने का प्रयास कर रही है.
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उदयपुर के भींडर क्षेत्र की वाणियातलाई ग्राम पंचायत के राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नारदा में आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. कक्षा-कक्ष में पढ़ाई के दौरान अचानक छत का प्लास्टर गिर गया. मलबे की चपेट में आने से 3 मासूम बच्चों के सिर में गंभीर चोटें आईं और अन्य बच्चे भी चोटिल हुए हैं.
पूरी छत गिरती तो हो सकती थी बड़ी जनहानि
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय बच्चे कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे. तभी अचानक तेज आवाज के साथ छत का प्लास्टर नीचे गिर पड़ा. गनीमत रही कि पूरी छत नहीं ढही, वरना झालावाड़ जैसी दर्दनाक घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था. घटना के तुरंत बाद अफरा-तफरी मच गई. घायल बच्चों को तत्काल भींडर राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार और पट्टी कराने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया है.
जर्जर भवनों पर प्रशासन बेखबर
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल का भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में है. बार-बार अवगत कराने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.