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Water Supply Department: बांसवाड़ा शहर के उदयपुर मार्ग स्थित सिया राम मार्ग कॉलोनी में पानी के बिल को लेकर करीब 150 परिवारों में नाराजगी है. उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनके घरों में नल कनेक्शन करीब छह महीने पहले लगाए गए, लेकिन जलदाय विभाग की ओर से उन्हें सालभर पहले की अवधि का बिल थमा दिया गया. कई परिवारों का कहना है कि उनके घरों में पानी की आपूर्ति शुरू तक नहीं हुई, इसके बावजूद हजारों रुपये के बिल पहुंच गए. मामले में सबसे बड़ा सवाल मीटर रीडिंग और बिल में दर्ज पानी की खपत को लेकर उठ रहा है.
मीटर में जीरो यूनिट, बिल में 180 यूनिट
कॉलोनी के उपभोक्ताओं के अनुसार मौके पर लगे मीटर में जीरो यूनिट दर्ज है. इसके बावजूद जारी किए गए बिल में 180 यूनिट पानी की खपत दिखाई गई है. इससे उपभोक्ताओं ने बिल तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. लोगों का कहना है कि जब कनेक्शन ही करीब छह महीने पहले लगाए गए हैं तो सालभर पहले की अवधि का बिल आखिर किस आधार पर जारी किया गया? यही सवाल अब कॉलोनी के लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
पानी की आपूर्ति भी शुरू नहीं हुई
उपभोक्ताओं के मुताबिक कई घरों में कनेक्शन लगने के बावजूद पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है. इसके बाद भी बिल आने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. लोगों का कहना है कि जिस अवधि में पानी की आपूर्ति ही नहीं हुई, उस दौरान पानी की खपत का बिल कैसे तैयार हो गया. कॉलोनी के लोगों ने आरोप लगाया कि पानी की आपूर्ति और मीटर रीडिंग की उचित मॉनिटरिंग नहीं की गई. उनका दावा है कि मौके पर वास्तविक स्थिति की जांच किए बिना कार्यालय स्तर पर ही बिल जारी कर दिए गए.
150 परिवारों ने उठाई आवाज
सिया राम मार्ग कॉलोनी में करीब 150 घरों में बिल पहुंचने की बात सामने आई है. बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के सामने एक जैसी समस्या आने के बाद लोगों ने जलदाय विभाग से मामले की जांच की मांग की है. लोगों का कहना है कि विभाग को प्रत्येक कनेक्शन की वास्तविक स्थिति, मीटर रीडिंग और बिल की अवधि की जांच करनी चाहिए, ताकि गलत बिलों को दुरुस्त किया जा सके.
जांच और कार्रवाई की मांग
मोहल्लेवासियों ने जलदाय विभाग से पूरे मामले की जांच कर गलत बिलों को दुरुस्त करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल विवाद का मुख्य केंद्र यही है कि छह महीने पुराने कनेक्शनों पर सालभर पहले की अवधि का बिल कैसे जारी हुआ और मीटर में जीरो यूनिट होने के बावजूद बिल में 180 यूनिट की खपत किस आधार पर दर्ज की गई.