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निकाय चुनाव में कांग्रेस की रणनीति पर गहलोत के सवाल, डोटासरा पर बिना नाम लिए निशाना?

Ashok Gehlot: राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी की चुनावी रणनीति और प्रचार अभियान पर सवाल उठाए हैं. गहलोत ने कहा कि अगर प्रदेश कांग्रेस कमेटी बेहतर कार्यक्रम बनाती और सभी नेता प्रचार में उतरते, तो कांग्रेस के नतीजे बेहतर हो सकते थे.

Written By Ansh Raj
Published: Sep 18, 2026, 12:14 PM IST | Updated: Sep 18, 2026, 12:15 PM IST
Image Credit: Rajasthan Politics
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Rajasthan Politics: राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद पार्टी की चुनावी रणनीति और प्रचार अभियान को लेकर सवाल उठने लगे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की चुनावी तैयारियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बेहतर प्लानिंग और प्रभावी प्रचार अभियान से पार्टी के नतीजे अलग हो सकते थे. गहलोत के बयान के बाद कांग्रेस के संगठनात्मक कामकाज और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है.


PCC के कार्यक्रम और प्रचार पर क्या बोले गहलोत?
अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की ओर से अगर प्रचार का कार्यक्रम तैयार किया जाता और सभी नेता चुनाव प्रचार में उतरते, तो पार्टी को फायदा मिल सकता था. उन्होंने चुनावी अभियान में बेहतर तालमेल और रणनीति की जरूरत पर जोर दिया.

गहलोत ने कहा, "अगर PCC कोई प्रोग्राम बनाती, प्रचार के लिए सब नेता जाते, रोड शो का जवाब रोड शो से हम देते, प्लानिंग और बेहतर होती तो मेरा मानना था कि जो माहौल सरकार के खिलाफ था, उसके अच्छे नतीजे आ सकते थे." गहलोत के इस बयान से कांग्रेस के चुनावी अभियान की योजना और नेताओं की भागीदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं.


BJP के प्रचार का जवाब देने की रणनीति
पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी के मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के आक्रामक चुनाव प्रचार का जिक्र करते हुए कांग्रेस की ओर से भी प्रभावी अभियान चलाने की बात कही. उन्होंने संकेत दिया कि बीजेपी के रोड शो के मुकाबले कांग्रेस को भी रोड शो और व्यापक प्रचार कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए थे.

गहलोत के मुताबिक, बेहतर चुनावी योजना के जरिए पार्टी अपने पक्ष में बताए जा रहे राजनीतिक माहौल को चुनावी नतीजों में बदल सकती थी. हालांकि, यह उनका आकलन है और इससे चुनावी नतीजों पर निश्चित प्रभाव का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.


डोटासरा के नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष सवाल?
गहलोत के बयान को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में चुनावी तैयारियों पर अप्रत्यक्ष सवाल के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, उपलब्ध बयान में गहलोत ने डोटासरा का सीधे नाम नहीं लिया है और न ही उनके खिलाफ स्पष्ट आरोप लगाया है. ऐसे में यह कहना कि बयान सीधे डोटासरा को निशाना बनाकर दिया गया, एक राजनीतिक व्याख्या होगी. पार्टी की चुनावी रणनीति, प्रचार कार्यक्रम और नेतृत्व की भूमिका पर कांग्रेस के भीतर आगे चर्चा हो सकती है.

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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