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अभिषेक चौधरी को दी संगठन मजबूत करने की सीख
अभिषेक चौधरी से मुलाकात के दौरान गहलोत ने कहा कि उनके ऊपर अब बड़ी जिम्मेदारी है. वे चुनाव जीतकर आए हैं और संगठन को आगे बढ़ाने का दायित्व उन्हें निभाना है. गहलोत ने अपने छात्र राजनीति के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब वे एनएसयूआई के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने भी सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया था. उन्होंने अभिषेक को भी उसी भावना के साथ काम करने की सलाह दी. गहलोत के मुताबिक, संगठन में सभी को साथ लेकर चलना और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाए रखना महत्वपूर्ण है.
भाजपा की रैली पर गहलोत का सवाल- सत्ता पक्ष को प्रदर्शन की जरूरत क्यों ?
भाजपा की रैली पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि सत्ता पक्ष का सड़क पर उतरकर रैली करना उन्होंने पहले कभी नहीं देखा. उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों की जिम्मेदारी लोकतंत्र को बचाने और मजबूत करने की होती है, लेकिन वर्तमान में सरकार जिस तरह सड़क पर उतर रही है, वह असामान्य है.
गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा बेरोजगारी, महंगाई और चुनावी वादों को पूरा नहीं कर पाने के कारण घबराई हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और इसी वजह से इस तरह के आयोजन किए जा रहे हैं. गहलोत ने कहा कि विपक्ष का दायित्व जनता के बीच जाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना है, लेकिन सत्ता पक्ष का ऐसा करना पहली बार देखने को मिल रहा है.
कांग्रेस के प्रदर्शन को बताया शांतिपूर्ण
प्रदर्शनों के दौरान अराजकता के आरोपों पर गहलोत ने कहा कि दुनिया के कई देशों में विरोध प्रदर्शन होते हैं और आगजनी की घटनाएं भी सामने आती हैं, लेकिन भारत में कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से जनता के मुद्दे उठा रही है और विरोध के दौरान शांति एवं सद्भाव बनाए रखा जा रहा है.
खाद-बीज दुकान के बयान पर मुख्यमंत्री को घेरा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खाद-बीज की दुकान से जुड़े बयान पर गहलोत ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर पहले ही ट्वीट कर चुके हैं. गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री पांच साल के भी नहीं थे, तब उन्होंने खाद-बीज की दुकान खोल दी थी. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दी जा रही है और उन्हें यह भी पता नहीं कि देश में यूरिया खाद कब आने लगा था.
गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को कोई गलत ब्रीफिंग कर रहा है या वे आलाकमान को खुश करने के लिए ऐसा बयान दे रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि अब दो साल सरकार चलाने के बाद उन्हें कामकाज पर ध्यान देना चाहिए. गहलोत ने एक बार फिर मुख्यमंत्री से अपने बयान पर माफी मांगने की मांग दोहराई.