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IAS शिखर अग्रवाल 40 विला खरीद मामला: गहलोत ने की CBI जांच की मांग, CM से पूछा- कार्रवाई क्यों नहीं?

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीएम भजनलाल शर्मा और बीजेपी सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा है. गहलोत ने लोकतंत्र बचाओ रैली, SIR और वोट चोरी को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए. वहीं, IAS शिखर अग्रवाल से जुड़े 40 विला खरीद मामले में CBI और ED जांच की मांग की.

Written By Ashutosh Sharma
Published: Oct 30, 2026, 04:22 PM IST | Updated: Oct 30, 2026, 04:40 PM IST
Image Credit: IAS शिखर अग्रवाल प्रकरण पर सरकार से मांगा जवाब
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राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. लोकतंत्र बचाओ रैली, SIR और वोट चोरी के मुद्दे से लेकर IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल के APO प्रकरण, कथित विला खरीद मामले और प्रदेश की कानून व्यवस्था तक गहलोत ने सरकार को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव है और अपराधियों के मन से पुलिस का भय खत्म होता जा रहा है. गहलोत ने मुख्यमंत्री से कई मामलों में सीधे जवाब और कार्रवाई की मांग की.

लोकतंत्र बचाओ रैली को बताया देश की जरूरत
लोकतंत्र बचाओ रैली को लेकर गहलोत ने 1978-79 में इंदिरा गांधी की ओर से निकाली गई भारत बचाओ रैली का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस समय रैली के बाद देश में बड़ा राजनीतिक संदेश गया था. गहलोत के मुताबिक, मौजूदा समय में लोकतंत्र बचाओ रैली की जरूरत है, क्योंकि लोगों में आक्रोश और चिंता है. उन्होंने इसे कांग्रेस या विपक्ष की नहीं, बल्कि राष्ट्र और लोकतंत्र को बचाने की रैली बताया.

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साथ ही चुनाव आयोग पर एनडीए सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया और SIR के जरिए 13 करोड़ से अधिक वोट काटे जाने का दावा किया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामों को लेकर भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए. गहलोत ने न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर दबाव होने का आरोप लगाते हुए लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोगों से रैली में शामिल होने की अपील की.

IAS शिखर अग्रवाल प्रकरण पर सरकार से मांगा जवाब
गहलोत ने IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल से जुड़े 40 विला खरीद प्रकरण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने इसे सरकार के करीब तीन साल के कार्यकाल का बड़ा मामला बताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जवाबदेही तय करने की मांग की. गहलोत ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद लिए गए फैसलों और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में गंभीर अनियमितताओं की आशंका है और केवल संबंधित अधिकारी को APO करना पर्याप्त नहीं है. गहलोत ने मामले की जांच CBI को सौंपने और ED को भी जांच के दायरे में लाने की मांग की. साथ ही विदेश में मौजूद संबंधित अधिकारी दंपती से भारत लौटकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की बात कही.

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मुख्यमंत्री के सामने हुए कथित विवाद और पोस्टिंग पर सवाल
गहलोत ने शिखर अग्रवाल प्रकरण के साथ मुख्यमंत्री के सामने हुए एक कथित विवाद का भी जिक्र किया. उन्होंने विवाद से जुड़े एक IG अधिकारी की उदयपुर में पोस्टिंग को लेकर सवाल उठाए. गहलोत का आरोप है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें अच्छी पोस्टिंग दी गई. उन्होंने उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सरकार से अधिकारी की पोस्टिंग और तबादले को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा.

रिश्तेदारों को सत्ता से दूर रखने की दी सलाह
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को दी गई अपनी पुरानी सलाह का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को अपने रिश्तेदारों को सत्ता और प्रशासन से दूर रखना चाहिए. गहलोत ने प्रमोद शर्मा का नाम लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि प्रमोद शर्मा जयपुर में घूम रहे हैं, जबकि पुलिस रिकॉर्ड में फरार हैं. गहलोत ने कहा कि उनके कार्यकाल में प्रमोद शर्मा को भरतपुर में पकड़ा गया था. इसके साथ ही मुख्यमंत्री की शपथ से पहले एक मामले को बंद किए जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए.

कानून व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा
गहलोत ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और जयपुर पुलिसिंग को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा की पुलिस व्यवस्था पर की गई टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी ही पार्टी के विधायक की शिकायत को गंभीरता से लेना चाहिए. गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों के मन से पुलिस का भय खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इन सभी मामलों में जवाब देना चाहिए और सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई सामने आनी चाहिए.
 

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About the Author

आशुतोष शर्मा वर्ष 2011 से मुख्यधारा की मीडिया में सक्रिय एक वरिष्ठ पत्रकार हैं. डेढ़ दशक से अधिक के अपने समृद्ध पत्रकारिता करियर में उन्होंने इंडिया न्यूज़,ज़ी न्यूज़ और न्यूज़ नेशन जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों के साथ काम किया है. वर्तमान में वे ज़ी राजस्थान न्यूज़ में सीनियर स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत हैं और राजधानी जयपुर से राज्य के महत्वपूर्ण विषयों को कवर कर रहे हैं.उनकी मुख्य विशेषज्ञता राजस्थान की राजनीति,प्रशासनिक फैसलों,चुनाव और जनहित के मुद्दों के साथ-साथ अपराध और कानून-व्यवस्था की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग में है. पुलिस मुख्यालय (PHQ), जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और विभिन्न जांच एजेंसियों से जुड़े बड़े व चर्चित मामलों की एक्सक्लूसिव कवरेज उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है. ब्रेकअप न्यूज़,गहन राजनीतिक विश्लेषण और एक्सक्लूसिव क्राइम स्टोरीज़ के ज़रिए आशुतोष शर्मा ने राजस्थान मीडिया जगत में अपनी एक विश्वसनीय और प्रभावशाली पहचान बनाई है.
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