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अलवर सरिस्का से आई खुशखबरी: बाघिन ST-26 बनी मां, कैमरे में कैद हुए 2 नन्हे शावक, बाघों की संख्या हुई 58

अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघिन ST-26 अपने दो शावकों के साथ कैमरा ट्रैप में कैद हुई है. दोनों शावक अकबरपुर और तालवृक्ष रेंज के वन क्षेत्र में देखे गए. वन विभाग के अनुसार, ST-26 करीब 6 से 7 साल की है और बाघिन ST-14 की संतान है। यह उसका पहला सफल प्रजनन है. दोनों शावकों के आने से सरिस्का में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 58 हो गई है. वन विभाग ने शावकों की सुरक्षा के लिए निगरानी और गश्त बढ़ा दी है.

Written By Ashish Chauhan
Published: Oct 17, 2026, 07:56 PM IST | Updated: Oct 17, 2026, 08:11 PM IST
Image Credit: Alwar Sariska
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अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघिन ST-26 दो शावकों के साथ कैमरा ट्रैप में नजर आई है. वन विभाग के कैमरा ट्रैप में बाघिन अपने दोनों शावकों के साथ विचरण करती हुई कैद हुई. इसके साथ ही सरिस्का में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 58 हो गई है.

शावक अकबरपुर और तालवृक्ष रेंज के वन क्षेत्र में देखे गए हैं. वन विभाग के अनुसार, करीब 6 से 7 वर्ष की बाघिन ST-26 सरिस्का की प्रसिद्ध बाघिन ST-14 की संतान है. ST-26 का यह पहला सफल प्रजनन है. सरिस्का में ही जन्मी बाघिन के शावकों के आने से यहां बाघों की आबादी को मजबूती मिली है.

यह भी पढ़ेंः सरिस्का में दिखा मां-बेटे का अनोखा प्यार: तालाब में उतरी बाघिन, मां के साथ पानी में मस्ती करता दिखा नन्हा बाघ

कैमरे में कैद हुई बाघिन और नन्हे शावकों की मौजूदगी 
वन विभाग की ओर से लगाए गए कैमरा ट्रैप में बाघिन अपने दोनों शावकों के साथ दिखाई दी है. तस्वीरों में शावक सक्रिय नजर आ रहे हैं. बाघिन मुख्य रूप से तालवृक्ष और अकबरपुर रेंज के जंगलों में विचरण करती है. शावकों की मौजूदगी सामने आने के बाद वन विभाग ने संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.

जंगल में बढ़ाई चौकसी, शावकों की सुरक्षा पर फोकस
शावकों की साइटिंग के बाद उप वन संरक्षक, बाघ परियोजना सरिस्का ने संबंधित रेंज के फील्ड स्टाफ को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. कैमरा ट्रैप और नियमित पैदल गश्त के जरिए बाघिन और शावकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी. शावकों के आसपास मानवीय हस्तक्षेप और किसी भी तरह के व्यवधान को न्यूनतम रखने पर जोर दिया गया है. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के तहत क्षेत्र में सुरक्षा और गश्त व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं.

ग्रामीणों से लेकर पर्यटकों तक, वन विभाग की अपील
वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों, पर्यटकों और आमजन से वन्यजीवों से उचित दूरी बनाए रखने की अपील की है. पर्यटकों को पर्यटन नियमों का पालन करने और बाघिन व शावकों के करीब जाने से बचने की सलाह दी गई है. आसपास के गांवों में बाघ या अन्य वन्यजीव की मौजूदगी दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी वन कार्यालय को सूचना देने की अपील की गई है. 

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आशीष चौहान
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