Alwar News: अलवर में करीब 12 लाख रुपए की कार की गुणवत्ता को लेकर टाटा मोटर्स और ग्राहक के बीच चल रहा विवाद मंगलवार को धरने तक पहुंच गया. रैणी SDM कार्यालय के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी (AAO) दीपक शर्मा परिवार के साथ टाटा मोटर्स के शोरूम में चटाई बिछाकर धरने पर बैठ गए. उनका आरोप था कि कार खरीदने के बाद से लगातार अलग-अलग दिक्कतें आ रही थीं और कई शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं मिला. करीब साढ़े चार घंटे बाद कंपनी ने कार वापस लेकर दीपक को पूरी 12 लाख रुपए की रकम लौटा दी, जिसके बाद उन्होंने धरना खत्म कर दिया.
कार पर लिखा- गधा खरीदना बेहतर होता
दीपक शर्मा अपनी कार लेकर हनुमान चौराहा स्थित टाटा मोटर्स शोरूम पहुंचे थे. उन्होंने कार को शोरूम के बाहर खड़ा किया और उस पर शिकायत से जुड़ा पोस्टर लगाया. पोस्टर पर उन्होंने लिखा- 'टाटा की कार खरीदने से बढ़िया है गधा खरीद लेना, वजन तौलने के तो काम आएगा. टाटा क्लासिक मोटर्स अलवर से ये गधा मैंने 12 लाख में लिया है.' इसके बाद दीपक परिवार के साथ शोरूम के अंदर चटाई बिछाकर धरने पर बैठ गए. उन्होंने कंपनी से कार में आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की.
तीन साल पहले खरीदी थी कार
दीपक के मुताबिक, उन्होंने 17 सितंबर 2023 को टाटा क्लासिक मोटर्स शोरूम से करीब 12 लाख रुपए में टाटा टियागो कार खरीदी थी. उनका कहना है कि कार लेने के बाद से ही उसमें अलग-अलग तरह की परेशानियां आने लगीं. कभी बैटरी खराब हो जाती थी तो कभी एसी में समस्या आती थी.
दीपक ने बताया कि उन्होंने कई बार शोरूम में शिकायत दर्ज कराई और कार की दिक्कत दूर करने के लिए कहा, लेकिन उन्हें स्थायी समाधान नहीं मिला. करीब तीन साल से कार को लेकर परेशान होने के बाद उन्होंने मंगलवार को परिवार के साथ शोरूम पहुंचकर धरना देने का फैसला किया.
सुबह 9 बजे शुरू किया धरना
दीपक मंगलवार सुबह करीब 9 बजे परिवार के साथ शोरूम पहुंचे थे. उन्होंने अपनी कार बाहर खड़ी की और इसके बाद अंदर धरने पर बैठ गए. उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से कार में लगातार आ रही खराबियों को लेकर जवाब मांगा और समस्या का समाधान करने की मांग रखी. दीपक का कहना था कि लंबे समय से शिकायतों का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा.
बातचीत के बाद कंपनी ने लौटाए पूरे पैसे
करीब साढ़े चार घंटे बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे कंपनी के कर्मचारियों ने दीपक से बातचीत की. बातचीत के बाद कंपनी ने उनकी कार वापस ले ली और 12 लाख रुपए की पूरी रकम लौटा दी. पैसे मिलने के बाद दीपक ने अपना धरना समाप्त कर दिया.
दीपक का कहना है कि लंबे समय से कार की शिकायतों का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें परिवार के साथ शोरूम में धरना देना पड़ा. कंपनी की ओर से रकम वापस किए जाने के बाद फिलहाल दोनों पक्षों के बीच विवाद खत्म हो गया है.