डीडवाना-कुचामन में खान विवाद ने पकड़ा तूल: सभापति और पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
मकराना की चोसेरा रेंज स्थित खान नंबर 158 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. खान की सह अनुज्ञाधारी फरीन गजधर ने नगर परिषद सभापति रियाज गौड़, उनके साथी उमर और पुलिस पर खनन कार्य में बाधा डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं.
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना से है, जहां चोसेरा रेंज स्थित खान संख्या 158 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. खान के सह अनुज्ञाधारी फरीन गजधर ने मकराना नगर परिषद के सभापति रियाज गौड़, उनके साथी उमर और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. फरीन गजधर का दावा है कि खान से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, खनन विभाग के लाइसेंस और अन्य मंजूरियां उनके पास मौजूद हैं.
इसके साथ ही खान में खनन कार्य के दौरान आ रही बाधाओं को लेकर ACJM कोर्ट की ओर से मकराना थानाधिकारी के नाम लिखित आदेश भी जारी किया गया है. आरोप है कि इस आदेश में खनन कार्य में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए पुलिस सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके बावजूद उन्हें पुलिस सहायता नहीं मिल रही है.
सभापति पर खनन कार्य रुकवाने का आरोप
फरीन गजधर का आरोप है कि जब भी वे खान से पत्थर निकालने का प्रयास करते हैं, तब सभापति रियाज गौड़ और उनके साथी उमर कथित तौर पर अपने लोगों के साथ मौके पर पहुंचकर खनन कार्य रुकवा देते हैं. उनका कहना है कि पुलिसकर्मी भी खान पर पहुंचकर उन्हें धमकाते हैं और काम नहीं करने देते. फरीन गजधर का दावा है कि उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर तक अपनी शिकायत पहुंचाई, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिली है.
यह भी पढ़ें- दीपावली पर जयपुर डेयरी का उपभोक्ताओं को तोहफा: बूथों पर मिलेंगी काजू कतली और बूंदी के लड्डू
बड़े नेताओं पर पुलिस के साथ मिलीभगत का आरोप
मामले में फरीन गजधर ने सभापति रियाज गौड़ और कुछ बड़े नेताओं पर पुलिस के साथ मिलीभगत करने के आरोप भी लगाए हैं. उनका आरोप है कि कथित तौर पर ऐसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जिसमें खान से पत्थर निकालने के दौरान विवाद या झगड़ा हो जाए. इसके बाद खान को सीज कर विवादित संपत्ति घोषित करवाने और कुर्की की कार्रवाई का रास्ता बनाया जा सके.
इस मामले में हमने जब स्थानीय पुलिस अधिकारीयों से बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने इस मुद्दे पर बात करने से साफ इनकार कर दिया. जिससे यह संशय और बढ़ जाता है कि कहीं ना कहीं पुलिस इस मामले में दबाव में हैं.
फिलहाल न्यायालय के आदेश के बावजूद पुलिस सहायता नहीं मिलने के आरोप ने प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना होगा कि डीडवाना-कुचामन जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और सह अनुज्ञाधारी फरीन गजधर को राहत मिल पाती है या नहीं.
Reporter- Hanuman Tanwar