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Rajasthan Crime News: राजसमंद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई की. ACB ने CGST की ओर से जारी नोटिस के सेटलमेंट के नाम पर 60 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में दो कथित दलालों को 25 लाख रुपए लेते गिरफ्तार किया है. कार्रवाई राजसमंद के 100 फीट रोड स्थित एक टायर शोरूम पर की गई. ACB की कार्रवाई के बाद मामले में CGST अधिकारियों से कथित संबंधों को लेकर भी जांच शुरू हो गई है.
3.12 करोड़ के नोटिस के बदले मांगी रिश्वत
ACB के अनुसार परिवादी को CGST की ओर से करीब 3 करोड़ 12 लाख रुपए का नोटिस जारी हुआ था. इस नोटिस को सेटल कराने के नाम पर कथित तौर पर 60 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई. परिवादी ने इसकी शिकायत ACB से की. शिकायत का सत्यापन कराने के बाद ACB ने रिश्वत लेने वालों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की योजना बनाई.
राजसमंद के 100 फीट रोड स्थित एक टायर शोरूम में रिश्वत की रकम लेने का सौदा तय हुआ. ACB के अनुसार शोरूम का मालिक सुशील भी इस मामले में कथित बिचौलिए के तौर पर सामने आया. बताया गया कि सुशील को अनिल पारीक ने परिवादी से पैसे लेने के लिए कहा था.
25 लाख रुपए लेते दो दलाल पकड़े
ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों कथित दलालों को 25 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया. मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई है. ACB अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वत की मांग किसके कहने पर की गई थी और रकम किस-किस तक पहुंचाई जानी थी.
CGST सुपरिंटेंडेंट भी डिटेन
मामले में उदयपुर CGST के सुपरिंटेंडेंट सांवरराम की भूमिका सामने आने के बाद ACB ने उन्हें भी डिटेन किया है. जानकारी के अनुसार सांवरराम को कोटा जिले के सुकेत कस्बे से झालावाड़ ACB टीम ने डिटेन किया. ACB अब उनसे भी पूछताछ कर रही है.
रिश्वत के नेटवर्क की जांच
राजसमंद ACB के ASP हिम्मत सिंह के नेतृत्व में पूरी कार्रवाई की गई. ACB टीम अब रिश्वत की मांग, रकम के लेन-देन और CGST अधिकारियों से कथित संबंधों की जांच कर रही है. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि 60 लाख रुपए की कथित रिश्वत मांग में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे.
ACB अधिकारियों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के बाद मामले में अन्य लोगों की भूमिका और रिश्वत की रकम से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं. फिलहाल दोनों कथित दलालों से पूछताछ जारी है और CGST सुपरिंटेंडेंट की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है.