Liechtenstein: दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जिसने पास ना तो नोट छापने की मशीन है , ना ही उस देश का अपना कोई सेंट्रल बैंक है और और ना ही कोई एयरपोर्ट, लेकिन उस देश की अर्थव्यवस्था कई बड़े देशों को टक्कर देती है.
क्या कोई देश बिना अपनी करेंसी के अपनी अर्थव्यवस्था को चला सकता है ? क्या कोई ऐसा भी देश है, जिसके पास एक भी एयरपोर्ट नहीं है ? जिसकी कोई अपनी आधिकारिक भाषा नहीं है .
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अमीरी में आगे है लिकटेंस्टाइन
IMF और वर्ल्ड बैंक डेटा के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में लिकटेंस्टाइन की अनुमानित नॉमिनल GDP लगभग $9.44 बिलियन है. यहां प्रतिव्यक्ति आयात $226,809 यानी करीब 2.26 लाख अमेरिकी डॉलर है. प्रति व्यक्ति जीडीपी के मामले में लिकटेंस्टाइन दुनिया में नंबर 1 स्थान पर है. देश की आबादी करीब 41000 की है.
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बेरोजगारी ना के बराबर
भले ही इस देश के पास अपना एयरपोर्ट ना हो, अपनी करेंसी ना हो, लेकिन इसकी मैन्युफैक्चरिंग ताकत ऐसी है कि यहां बेरोजगारी ना के बराबर है. लिकटेंस्टाइन की बेरोजगारी दर वर्तमान में मात्र 2.0% है, जो इसे दुनिया में सबसे कम है.
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क्या है लिकटेंस्टाइन की ताकत
इस देश के पास ना तो अपनी करेंसी है, ना एयरपोर्ट,लेकिन अमीरी में ये पीछे नहीं है. इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर है. हाई क्वालिटी इंडस्ट्रियल अप्लायंस, डेंटल मशीनरी, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, स्पेस टेक्नोलॉजी में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स बनाने में यह देश अव्वल है.
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एक भी एयरपोर्ट नहीं
इस देश के पास अपना कोई एयरपोर्ट नहीं है. यहां आने-जाने के लिए लोग स्विट्ज़रलैंड या ऑस्ट्रिया के एयरपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं. इसके पास विशाल सड़कों और रेलमार्ग है. पूरा देश 160 वर्ग किमी में फैला है.
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स्विस फ्रैंक का इस्तेमाल
लिकटेंस्टाइन अपनी कोई करेंसी नहीं छापता है. यहां के लोग, यहां की सरकार स्विस फ्रैंक का उपयोग करती है. यहां की आधिकारिक भाषा भी जर्मन है. चूंकि इस देश की अपनी कोई करेंसी नहीं है, इसलिए इसे बैंक चलाने, नोट छापने या मुद्रास्फीति नियंत्रण करने जैसी परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है.
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लिकटेंस्टाइन
स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच स्थित इस देश का नाम लिकटेंस्टाइन है. इसकी गिनती दुनिया के सबसे अमीर और सुरक्षित देशों में से एक है.
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बिना करेंसी वाला देश
इन सवालों का जवाब है हां. यूरोप में एक छोटा-सा देश है, जहां ना तो कोई एयरपोर्ट है ना ही उसकी अपनी करेंसी, फिर भी इसकी गिनती दुनिया से सबसे अमीर देशों में होती है.