Ganesh Chaturthi: 1934 से अब तक लालबागचा राजा कितने बदल गए, बप्पा के अलग-अलग रूपों पर आइए एक नजर डालते हैं.
लालबागचा राजा का स्वरूप कितना बद गया, पंडालों की थीम में क्या बदलाव आया आइए इसकी सुंदर तस्वीरे देखें.
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1934 से अब तक की लालबागचा राजा
आज गणेश चतुर्थी पर्व है और इस दिन से ही गणेशोत्सव शुरू हो चुका है जो अनंत चतुर्दशी तक चलेगा. हर तरफ बप्पा के जयकारे सुनाई दे रहे हैं. इस पर्व पर लोग गणेश जी की उपासना पूरी श्रद्धा के साथ करते हैं. हर बार की तरह इस बार भी मुंबई के लालबागचा राजा ने भक्त को दर्शन दिया है. लालबागचा राजा का अद्भुत स्वरूप सामने आ चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि 1934 से लेकर अब तक लालबागचा राजा की विशाल प्रतिमा प्रदर्शन में कितना फर्क आ गया है. 1934 से अब तक की लालबागचा राजा की कुछ सुंदर तस्वीरों पर आइए एक नजर डाल लें.
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लालबागचा राजा 1934 में
लालबागचा राजा 1934 में भक्तों के बीच आए थे. चार भुजाओं वाले गणेश इस उत्सव में कमल के फूल पर खड़े दिखे थे और उनके एक हाथ में गदा और दूसरे में चक्र था.
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साल 1957 में लालबागचा राजा
साल 1957 में लालबागचा राजा के साथ शिव और माता सती को भी दर्शाया गया था. इस पंडाल की थीम में देवी सती को अग्नि कुंड में प्रवेश करते दिखाया गया.
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1964 की थीम
लालबागचा राजा के साल 1964 की थीम में भारतीय राजनीति के साथ ही महाभारत के यु्द्ध को भी दर्शाया गया है.
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1971 का गणेशोत्सव
1971 के गणेशोत्सव में लालबागचा राजा के पंडाल में देवी मीराबाई के समर्पण की कहानी को दिखाया गया था.
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साल 1972 की थीम
साल 1972 की थीम भी बहुत ही अद्भुत थी. लालबागचा राजा के पंडाल में रावण वध के बाद विभीषण को लंका का राजा बनाए जानें का दृश्य दिखाया गया जिसमें राम जी दिख रहे हैं.
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1981 में लालबागचा के राजा
1981 में लालबागचा के राजा का पंडाल भगवान परशुराम की कथा की थीम पर रखा गया था. इसमें उस दृश्य को दिखाया गया था जब भगवान परशुराम ने पिता की आज्ञा पर माता रेणुका का सिर धड़ से अलग किया था.
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1978 में लालबागचा राजा की थीम
1978 में लालबागचा राजा की थीम को राजनीति से जोड़ा गया था. जिसमें भगवान गणेश की प्रतिमा के दाईं ओर कुछ देताओं को दिखाया गया था.
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साल 2019
साल 2019 में लालबाग के राजा का पंडाल बहुत ही यूनीक थीम पर बना था. यह थीम अंतरिक्ष की थी जिसमें अंतरिक्ष के दृश्य दिखाए गए थे. अंतरिक्ष यात्रि और उपग्रहों को बखूबी दर्शाया गया था. यह पंडाल चंद्रयान-2 से प्रेरित था.
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1987 में लालबागचा राजा का पंडाल
1987 में लालबागचा राजा के पंडाल में भगवान विष्णु के वराह अवतार को दिखाया गया था. जिसमें हिरण्याक्ष के वध की कथा को दर्शाते हुए पंडाल को सजाया गया.
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2025 में लालबाग के राजा
साल 2025 में लालबाग के राजा ने विशाल स्वरूप में दर्शन दिया था. गणेश जी का पंडाल भी इस साल बहुत ही दिव्य-भव्य बनाया गया था. इस साल गणपति जी के दरबार को तिरुपति बालाजी मंदिर के थीम पर सजाया गया था.