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कैसा सिग्नेचर बनाता है सफल और महत्वाकांक्षी? पंडित अजय भाम्बी ने बताया सिग्नेचर का पूरा राज

किसी इंसान का चेहरा, उसका सिग्नेचर और उसके नाम की स्पेलिंग उसके व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ बता सकते हैं. मशहूर एस्ट्रोलॉजर पंडित अजय भाम्बी से Zee News Digital के स्‍पेशल इंटरव्‍यू की सीरीज में ऐसे कई विषयों पर बातचीत की.

कैसा सिग्नेचर बनाता है सफल और महत्वाकांक्षी? पंडित अजय भाम्बी ने बताया सिग्नेचर का पूरा राज
Image Credit: सिग्‍नेचर से कैसे व्‍यक्ति की पर्सनालिटी और सोच जानी जा सकती है, इस पर मशहूर ऐस्‍ट्रोलॉजर और सिग्‍नेचर एनालिसिस एक्‍सपर्ट पंडित अजय भाम्‍बी से बातचीत.

चेहरा सिर्फ खूबसूरती या पहचान का जरिया नहीं है, बल्कि फेस रीडिंग से पर्सनैलिटी के कई राज पता चलते हैं. इसी तरह हर व्यक्ति का सिग्नेचर उसकी सोच, महत्वाकांक्षा और व्यवहार की झलक देता है. मशहूर एस्ट्रोलॉजर पंडित अजय भाम्बी ने Zee News के साथ खास बातचीत में फेस रीडिंग और सिग्नेचर एनालिसिस से जुड़े कई दिलचस्प पहलुओं पर बात की. इस दौरान कई चर्चित हस्तियों के सिग्नेचर का उदाहरण देते हुए उनके व्यक्तित्व से जुड़ी खास बातें भी बताईं.

एंकर श्रद्धा जैन: अधिकांश लोगों को अपनी कुंडली के बारे में नहीं पता होता है. ऐसे में क्‍या वो अपने सिग्‍नेचर, फेस रीडिंग आदि के जरिए अपने बारे में जान सकते हैं? कुछ मशहूर लोगों का उदाहरण देते हुए बताइए.

पंडित अजय भाम्‍बी:  जी हां, इससे काफी कुछ पता चलता है. हम अलग-अलग क्षेत्रों से नाम लेते हैं और उनके सिग्‍नेचर और उनकी जिंदगी के बीच का कनेक्‍शन समझते हैं.

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अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप का सिग्‍नेचर - साइन में पहले तीनों अक्षर के लूप बहुत बड़े हैं और ऊपर की ओर जा रहे हैं. ऐसा व्‍यक्ति सिर्फ खुद को महत्‍व देता है. ऐसा आदमी एक्‍सट्रीम में चला जाता है, वह घमंडी हो जाता है और अपनी मनमानी करता है. अगर उसे पॉवर मिल जाए तो उसका दुरुपयोग भी करता है, जो ट्रंप कर भी रहे हैं.

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का सिग्‍नेचर- उनका सिग्‍नेचर काफी बंधा हुआ है. ऐसा व्‍यक्ति अपने आप में सिमटा हुआ होता है. वो अपने बारे में ज्‍यादा प्रदर्शन नहीं करता है. राष्‍ट्रपति मुर्मू को इस पद पर 4 साल हो गए हैं लेकिन अभी भी लोग उनके बारे में बहुत ज्‍यादा नहीं जानते हैं.

पीएम नरेंद्र मोदी का सिग्‍नेचर - मोदी जी का सिग्‍नेचर साफ-साफ पढ़ सकते हैं. यह बताता है कि वे खुले हुए व्‍यक्तित्‍व वाले हैं. जो दिल में है, वही जुबान पर है. भले ही उनके फैसले किसी को मालूम नहीं पड़ते कि वो क्‍या करने वाले हैं. लेकिन उनकी सोच स्‍पष्‍ट होती है कि वे क्‍या करना चाहते हैं, वे उसे पूरी जिम्‍मेदारी और हिम्‍मत के साथ करते हैं. फिर चाहे लोग उसे अच्‍छा मानें या बुरा.

शाहरुख खान का सिग्‍नेचर- शाहरुख खान के सिग्‍नेचर नीचे से ऊपर की ओर जाते हैं. ऐसा व्‍यक्ति बेहद सामान्‍य जिंदगी से शुरुआत करता है, लेकिन उसकी महत्‍वाकांक्षा बहुत ऊपर जाने की होती है. सिग्‍नेचर में नीचे जो लाइन है, वो उनका कॉन्फिडेंस बताती है. साथ ही लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता को बताती है. वहीं नीचे लगे 2 डॉट बताते हैं कि व्‍यक्ति अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में बैलेंस रखना पसंद करता है.

अमिताभ बच्चन के सिग्‍नेचर - अमिताभ का A और बच्‍चन का B दोनों ही बड़े हैं और लूप में हैं. यानी कि ऐसा व्‍यक्ति अपने आप में तो कॉन्फिडेंट है ही, वह अपने साथ-साथ अपने परिवार बच्‍चन को भी उतना ही महत्‍व देता है. वे अपने काम के लिए भी जाने जाते हैं और अपने परिवार के कारण भी. इसलिए वे अपने पिता स्‍व. हरिवंशराय बच्‍चन की सबसे ज्यादा बात करते हैं. साथ ही बहुत फख्र के साथ बात करते हैं. उनके पिता महान भी थे.

एलन मस्क के सिग्‍नेचर - एलन मस्क के सिग्‍नेचर हवा में हैं. स्‍पेस में जा रहे हैं. इनके सिग्‍नेचर में कोई ओर-छोर नहीं है. ऐसा उनके काम में भी दिखता है कि वे कई नए क्षेत्रों में काम कर रहे हैं और सफल भी हो रहे हैं.

राहुल गांधी के सिग्‍नेचर - राहुल गांधी के सिग्‍नेचर का पहला हिस्‍सा डाउन है. ये बताता है कि शुरुआत निगेटिव रही या कह सकते हें कि पतन से विकास हुआ. शुरुआत में उन्‍हें बहुत समस्‍याएं झेलनी पड़ीं. लेकिन सिग्‍नेचर के दूसरे शब्‍द गांधी में उठाव है. यानी कि समय के साथ उनका कद बढ़ता गया.

एंकर श्रद्धा जैन: सिग्‍नेचर को लेकर क्‍या आप कुछ ऐसी बातें या गलतियां बताएंगे जो लोगों को करने से बचना चाहिए? ताकि उन्‍हें सफल होने, अमीर बनने में समस्‍याएं न आएं?

पंडित अजय भाम्‍बी: सिग्‍नेचर का फ्लो क्‍या है, ये बहुत अहम होता है. अगर सिग्‍नेचर सीधा चल रहा है तो इसका मतलब हुआ कि व्यक्ति अपने जीवन में सीधा चलना चाहता है. यदि सिग्‍नेचर ऊपर की ओर जाएं तो मतलब है कि वह बहुत महत्‍वाकांक्षी है, सफलता पाना चाहता है. लेकिन सिग्‍नेचर नीचे की तरफ जाए तो पतन का संकेत है. यानी कि शुरुआत जो भी हो, उसका भविष्‍य गड़बड़ हो सकता है.

एंकर श्रद्धा जैन: कई लोग अपने नाम की स्‍पेलिंग में बदलाव करते हैं. ये कितना प्रभावी तरीका है?

पंडित अजय भाम्‍बी: अंकों, अक्षरों का अहम रोल होता है. उनकी अपनी ऊर्जा होती है. इससे भाग्‍य को बल मिलता है. चूंकि व्‍यक्ति अपने जन्‍म की तारीख, समय आदि तो नहीं बदल सकता है लेकिन अपने नाम की स्‍पेलिंग में बदलाव करना संभव है. उदाहरण के लिए मेरा ही नाम लें तो अंग्रेजी में मैं अपना नाम Ajai लिखता हूं, जबकि आमतौर पर अजय की स्‍पेलिंग Ajay लिखी जाती है. मुझे Y की जगह I ज्‍यादा सूट कर रहा था इसलिए मैंने I लिया. साथ ही मेरी सरनेम Bhambi में भी I है. मेरे नाम में 2 बार I का आना एक ऐसा नंबर बनाता है, जो मुझे सूट करता है. आप आयुष्मान खुराना का नाम देखें वो भी अपने नाम में A की जगह AA यानी कि डबल A यूज करते हैं. हर अक्षर का एक खास नंबर होता है. इन नंबरों का जोड़ आप पर गहरा असर डालता है.

एंकर श्रद्धा जैन: ओशो के लिए कहा जाता है कि वो हर बार अपना सिग्‍नेचर बदल देते थे. यदि सिग्‍नेचर बार-बार बदलें तो उसका जीवन-करियर पर क्‍या फर्क पड़ता है?

पंडित अजय भाम्‍बी: ओशो कहते थे कि मूर्ख आदमी कभी नहीं बदलता है. मूर्ख आदमी का विचार हमेशा एक जैसा रहता है. जबकि योग्‍य और इंटेलीजेंट आदमी समय के साथ बदलता रहता है. ओशो महान हैं. पिछली शताब्दी में जितने भी लोग महान हुए हैं, उसमें ओशो अपने आप में एक हैं और दूसरे जे कृष्णा मूर्ति हैं. तीसरा आदमी हमें ढूंढने से भी नहीं मिलता है.

एंकर श्रद्धा जैन: फेस रीडिंग के बारे में भी कुछ बताइए.

पंडित अजय भाम्‍बी: पहले हम फेस रीडिंग की बात करते हैं. चेहरे को तीन भागों में बांटिए. पहला भाग माथा है, जो क्रिएटिविटी और पास्‍ट यानी कि बीते हुए समय को बताता है. दूसरा पार्ट चेहरे का बीच का हिस्‍सा है, जिसमें आंख, कान और नाक आते हैं. यह हिस्‍सा व्‍यक्ति के वर्तमान के बारे में बताता है. तीसरा हिस्‍सा मुख और ठोड़ी है, जो व्‍यक्ति के भविष्‍य के बारे में बताता है.

1. जिस व्‍यक्ति का माथा बड़ा और प्रभावी हो, वो क्रिएटिव होता है. जैसे बड़ा विचारक, ज्‍योतिषी, रिसर्च या राजनीति में खूब नाम कमाते हैं. शास्‍त्रों में लिखा है जिसका भाल बड़ा हो वो कमाल करता है.

2. जिस व्‍यक्ति की आंखें, कान और नाक अच्‍छा हो, वो बहुत अच्‍छी एग्जिक्‍यूटर होता है. साथ ही उनका ऑब्‍जर्वेशन तगड़ा होता है. ऐसे लोग बड़े मैनेजर, अधिकारी बनता है. उसमें प्‍लान को जमीन पर लाने की काबिलियत होती है.

3. जिस व्‍यक्ति का मुख और ठोड़ी, पूरे चेहरे में सबसे अच्‍छी हो वह खूब ख्‍याति पाता है. जैसे हम मशहूर पहलवान खली की बात करें तो उसकी ठोड़ी बहुत अलग है और उनके पूरे चेहरे का सबसे प्रॉमिनेंट हिस्‍सा है. वो बिना पढ़ाई-लिखाई के भी पूरी दुनिया में मशहूर हुए.

वहीं जिन लोगों के चेहरे में सिमिट्री है यानी कि तीनों पार्ट अच्‍छे हैं, वो लोग कमाल के होते हैं. उसे बेस्‍ट फेस माना जाता है. उदाहरण के लिए हम सभी देवी-देवताओं की फोटो, मूर्ति देखें तो उनमें एक सिमिट्री या संतुलन होता है, हर नाक-नक्‍श परफेक्‍ट होता है. इसलिए उनकी फोटो या मूर्ति देखकर हमारा मन उनकी ओर आकर्षित होता है. हमारे मन को शांति मिलती है.
 

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About the Author

Shraddha Jain

Shraddha Jain

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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