SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

Zee Special: अल्‍लाह से तौबा करें सारा अली खान... कर दिया सबसे बड़ा गुनाह, फतवे पर बोले मुस्लिम स्‍कॉलर

बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान पर केदारनाथ मं‍दिर में जाने और फतवा जारी होने पर विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर लोग इसे उनकी निजी पसंद बता रहे हैं, वहीं मुस्लिम स्‍कॉलर ने इसे सबसे बड़ा 'गुनाह' बता दिया है.

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 30, 2026, 01:39 PM IST | Updated: Oct 30, 2026, 03:34 PM IST
Image Credit: बॉलीवुड एक्‍ट्रेस सारा अली खान की केदारनाथ धाम की यात्रा और वहां पूजा-अर्चना के बाद जारी हुए फतवे पर मुस्लिम स्‍कॉलर का बयान. (Photo: AI)
Join

केदारनाथ मूवी फेम सारा अली खान की केदारनाथ यात्रा पर जमकर बहस छिड़ गई है. उत्तर प्रदेश के इस्लामिक मौलवी मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी द्वारा फतवा जारी किए जाने के बाद यह अब धार्मिक विवाद बन गया है. इतना ही नहीं एक और मुस्लिम स्‍कॉलर नाजिम खान ने इसे सही ठहराते हुए सारा अली खान द्वारा केदारनाथ मंदिर में पूजा करने को सबसे बड़ा गुनाह बताया है. Zee News से Exclusive बातचीत में मुस्लिम स्कॉलर नाजिम खान ने इस मुद्दे पर क्‍या-क्‍या कहा, जानिए.

सवाल : क्या सारा का केदारनाथ में पूजा करना शरिया के तहत जायज है?

जवाब: सारा अली खान ने अगर केदारनाथ में पूजा-अर्चना की है तो ये शरिया के मुताबिक बिल्‍कुल गलत है. शरिया के अंदर अल्‍लाह के साथ किसी और को शामिल किया जाता है तो यह बहुत बड़ा शिर्क (अल्‍लाह की सत्‍ता या उसकी पूजा में किसी अन्‍य की पूजा करके उसे भागीदार बनाना) माना जाता है. सारा अली खान ने शरिया के खिलाफ जाकर अलग मैसेज देने की बात कही है जिससे करोड़ों लोगों के दिल को ठेस पहुंची है. यह बहुत गलत है. 

सवाल : क्‍या सारा अली खान के खिलाफ फतवा जारी करना सही है?    

जवाब : जी फतवा जारी करना सही है. मजहब-ए-इस्‍लाम को मानने वाला यदि दूसरे धर्म के भगवान की पूजा करे तो उसके पास सिर्फ 2 ही रास्‍ते हैं, या तो अल्‍लाह से तौबा कर ले या फिर उसके खिलाफ फतवा दिया जाए. लिहाजा केदारनाथ में सारा अली खान द्वारा पूजा करने पर फतवा जारी करना सही है.

सवाल : तो क्‍या सारा अली खान को तौबा करना चाहिए? 

जवाब : मजहब-ए-इस्‍लाम में साफ कहा गया है कि आपने अल्‍लाह के सिवाय किसी और को भगवान माना या उसकी पूजा की तो ये सबसे बड़ा गुनाह है. अल्‍लाह को शिर्क (अल्‍लाह की सत्‍ता या उसकी पूजा में किसी अन्‍य की पूजा करके उसे भागीदार बनाना) पसंद नहीं है. अल्‍लाह सिर्फ एक है और हर मुसलमान को सिर्फ उसकी ही इबादत करनी चाहिए. यदि कोई महिला या पुरुष दूसरे धर्म की पूजा पद्धति को अपनाते हैं, अन्‍य भगवान की इबादत करते हैं तो शरिया उसको बल्किुल स्‍वीकार नहीं करेगा. शरिया अल्‍लाह के एक होने की बात कहता है.

सारा अली खान ने मजहब-ए-इस्‍लाम से अलग हटकर पूजा अर्चना की है और ऐसा करना बहुत बड़ा गुनाह है. लेकिन अल्‍लाह गुनाह माफ करने वाला है, यदि सारा अली खान सच्‍चे दिल से अल्‍लाह से तौबा करें तो अल्‍लाह माफ कर देगा. वह रहम करने वाला है और सभी के गुनाहों को माफ कर देता है. इसलिए सारा अली खान को अपना गुनाह मानते हुए माफी मांगनी चाहिए.

सवाल : यदि शरीयत की रोशनी में वो मुजरिम हैं, गुनहगार हैं तो इस्‍लाम में इस बारे में क्‍या कहा गया है? 

जवाब : इस्‍लाम सभी धमों का सम्‍मान करता है. लेकिन पूजा-पद्धति इस्‍लाम के लिए एक ही है, अल्‍लाह एक है. मजहब ए इस्‍लाम को मानने वाला सिर्फ अल्‍लाह की इबादत करता है उसके सिवाय किसी की इबादत नहीं करता है. कोई दूसरे भगवान की इबादत करे तो वो मजहब ऐ इस्‍लाम में गुनेहगार है.  

सवाल: क्‍या गैर हिंदू किसी भी मंदिर में दर्शन कर सकते हैं?

जवाब: मुस्लिमों की बात करें तो उनको मंदिर में नहीं जाना चाहिए, न वहां के धार्मिक आयोजनों में हिस्‍सा लें. आपको शांति-अमन के लिए प्रार्थना करनी है तो आप मस्जिद में जाइए, वो अल्‍लाह का घर है. आप वहां इबादत कीजिए. 

बता दें कि इससे पहले भी सारा अली खान केदारनाथ धाम की यात्रा कर चुकी हैं और वहां पूजा-अर्चना कर चुकी हैं. जिसकी तस्‍वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं. 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES