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कहीं 3 दिन तो कहीं 10 दिनों का राशन! अनहोनी' की आशंका के बीच अमेरिका-ब्रिटेन-फ्रांस ने दे दी अवाम को एडवाइजरी, क्या होने वाला है?

दुनिया में हालात ठीक नहीं हैं. जंग, मौसम और साइबर खतरों को देखते हुए अब कई देशों की सरकारों ने अपने नागरिकों से कह दिया है कि वे इमरजेंसी स्थिति के लिए तैयार रहें और 3 तीन का राशन स्टॉक में रखें.

Written By Rachit Kumar
Published: Oct 29, 2026, 10:53 AM IST | Updated: Oct 29, 2026, 11:23 AM IST
Image Credit: कई देशों ने अपने लोगों को एडवाइजरी जारी की है.
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जंग, मौसम के कहर और साइबर सिक्योरिटी के खतरों जैसी इमरजेंसी सिचुएशन को देखते हुए सरकारें पहले से अपने नागरिकों को तैयारी करने की सलाह दे रही हैं. विभिन्न देशों ने अलग-अलग लेवल की तैयारी करने की एडवाइजरी जारी की है. आमतौर पर सरकारें तीन दिनों की इमरजेंसी सप्लाई रेडी रखने की सलाह देती है. हाल ही में फ्रांस और ब्रिटेन ने लोगों को 72 घंटों के लिए जरूरी सामान तैयार रखने को कहा है.

फ्रांस के नॉरमैंडी क्षेत्र की सरकार के एक सोशल मीडिया अकाउंट ने मंगलवार को कहा,'इमरजेंसी का इंतजार न करें, अभी तैयारी कर लें.' इस बीच, यूके के PM ने बीबीसी रेडियो पर एक इंटरव्यू के दौरान कहा,'मुझे बीन्स यानी फलियां पसंद हैं, इसलिए मैंने अपनी अलमारी में काफी बीन्स और सूप रखा हुआ है. मुझे लगता है कि लोगों को भी ऐसी ही चीजें अपने पास रखनी चाहिए.'

जापान, मैक्सिको और नीदरलैंड भी 72 घंटों के लिए एक इमरजेंसी किट तैयार रखने की एडवाइजरी दे रहे हैं. कुछ अन्य देश जैसे स्वीडन और नॉर्वे एक हफ्ते के लिए, और जर्मनी ने 10 दिन तक के लिए जरूरी सामान स्टोर रखने के लिए कहा है.

'अपना खाना, पानी और जरूरी सामान खुद रखें'

हालांकि, कुछ देशों की एडवाइजरी में टाइमलाइन तय नहीं है. उदाहरण के लिए, भारत में जो राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) है, वह लोगों को इमरजेंसी के वक्त के लिए किट रखने की ए़डवाइजरी तो देता है, लेकिन कितने दिनों के लिए, इसके लिए कोई डेडलाइन क्लियर नहीं है. कुछ मामलों में यह सलाह नॉर्मल इमरजेंसी सिचुएशन के लिए होती है, जबकि अन्य मामलों में यह किसी खास खतरे से जुड़ी होती है.

अमेरिका में, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की वेबसाइट 'रेडी डॉट जीओवी' पर दी गई एडवाइजरी में कहा गया, तैयार रहने का मतलब है कि आपके पास अपना खाना, पानी और अन्य जरूरी सामान हो, जो कई दिनों तक चल सके.' इसी तरह, कनाडा ने भी 72 घंटों के लिए एक इमरजेंसी किट तैयार रखने को कहा है.

यूरोप ने कस ली कमर

कुछ देशों की एडवाइजरी उनके क्षेत्र के हिसाब से है. उदाहरण के लिए, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया ने साइक्लोन प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को खाना, पानी और दवाओं के साथ एक इमरजेंसी किट तैयार रखने को कहा है. इसी तरह, दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन शहर में परिवारों को कम से कम तीन दिनों तक चलने लायक जरूरी सामान रखने के लिए कहा गया है.

पिछले 2 साल में यूरोप में इमररेंसी तैयारियों पर खास ध्यान दिया गया है. यूरोपीय आयोग ने मार्च 2025 में अपनी 'प्रिपर्डनेस यूनियन स्ट्रेटेजी' का ऐलान किया. आयोग ने कहा कि यूरोप को बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों और संघर्षों का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बना हुआ है.

हालांकि, समय-सीमा को लेकर दी जाने वाली एडवाइजरी बदलती रहती है, लेकिन क्या-क्या सामान जमा करके रखना चाहिए, इस पर सलाह काफी हद तक एक जैसी ही रहती है. सरकारें लंबे समय तक खराब न होने वाली खाने-पीने की चीजें, पानी, दवाइयां, बैटरी, टॉर्च और रेडियो का स्टॉक रखने की एडवाइजरी देती हैं.

कहां और किन-किन देशों ने जारी की एडवाइजरी

यूरोप

यूनाइटेड किंगडम, आयरलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया, पोलैंड, चेक गणराज्य, ऑस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड और क्रोएशिया.

उत्तरी अमेरिका

अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको.

दक्षिण अमेरिका

चिली, कोलंबिया, अर्जेंटीना और ब्राजील.

अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका

एशिया

जापान, ताइवान, इजरायल, भारत, फिलीपींस और सिंगापुर

ओशिनिया

न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया

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About the Author

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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