Explainer: 27 साल बाद काल कोठरी से अमेरिका ने क्यों निकाला सबसे घातक 'काला पंछी'?
क्या अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा दुनिया के सबसे तेज रिटायर्ड जासूसी विमान लॉकहीड SR-71 ब्लैकबर्ड को फिर से सेवा में लाने जा रहा है? जानिए मैक 3 स्पीड वाले इस जादुई प्लेन की वापसी के दावों की पूरी सच्चाई.
अमेरिका 27 साल बाद अपने सबसे तेज और मशहूर 'काले जासूस' को काल-कोठरी से निकाल रहा है. रिटायर होकर आराम फरमा रहे इस जासूस को अचानक इतने वक्त बाद फिर से एक्टिव करने पर अब हर कोई सवाल उठा रहा है. इस काले पंछी का नाम है SR-71 ब्लैकबर्ड. यह अमेरिका का सबसे फास्ट और भरोसेमंद जासूसी विमान है. यह खबर ऐसे वक्त पर आई है, जब हाल ही में NASA एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने SR-71 को फिर से सर्विस में लाने की ख्वाहिश जताई.
सितंबर के बीच में, लॉस एंजिल्स में 'ऑल-इन समिट' के दौरान इसाकमैन ने एक नए विमान की प्रेजेंटेशन दिखाई, जिसमें SR-71 जैसी ही खूबियां थीं. यानी उसी के जैसा टेल सेक्शन, इंजन एरिया और कॉकपिट.
खबरों के मुताबिक, इसाकमैन ने वादा किया कि NASA जल्द ही उतनी ही ऊंचाई और तेजी से उड़ान भरेगा जितना हमने पिछले दशकों में किया था और उससे भी ज्यादा. इस बयान को बेहद अहम माना जा रहा है.
तब से, यह सवाल सेंटरपॉइंट बन गया है कि क्या NASA SR-71 को फिर से सर्विस में ला रहा है? लेकिन स्पेस एजेंसी SR-71 प्रोग्राम को फिर से क्यों और किसलिए शुरू करना चाहती है? चलिए समझते हैं.
SR-71 ब्लैकबर्ड क्या है?
जिस विमान की बात हो रही है, वह है SR-71 ब्लैकबर्ड (टेल नंबर 844). इस जासूसी विमान ने एविएशन के इतिहास में एक खास जगह बनाई है. इसे ब्लैकबर्ड के नाम से भी जाना जाता है. इसमें दो पायलट बैठ सकते हैं. इसकी लंबाई 107.4 फीट और हाइट 18.5 फीट है. इसके विंगस्पैन 55.6 फीट के और यह अधिकतम 78000 किलो वजन ले जा सकता है. इसकी रेंज 3,250 मील है.
कब भरी पहली उड़ान?
SR-71 की पहली उड़ान 22 दिसंबर, 1964 को हुई थी. SR-71 ने पहली बार जनवरी 1966 में सर्विस शुरू की. US एयरफोर्स की वेबसाइट के अनुसार, अपने लगभग 24 साल के करियर में, SR-71 दुनिया का सबसे तेज और सबसे ऊंचाई पर उड़ने वाला ऑपरेशनल विमान बना रहा.
SR-71 ने 28 जुलाई, 1976 को अपनी कैटेगरी में दो वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए. 2,193.167 मील प्रति घंटे की रफ्तार और 85,068.997 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरना. इस विमान ने 9 अक्टूबर, 1999 को SR-71 ब्लैकबर्ड की आखिरी उड़ान भरी थी. अमेरिका ने 32 ब्लैकबर्ड जहाज बनाए थे. इनमें से 12 ऑपरेशनल एक्सीडेंट्स में दुर्घटनाग्रस्त हो गए. हालांकि कभी कोई विमान जंग में या दुश्मन के हाथों गिराया नहीं गया.
क्या SR-71 गायब हो गया था?
1999 में अपनी आखिरी उड़ान भरने के बाद, इस ब्लैकबर्ड को एडवर्ड्स एयरफोर्स बेस के पास NASA आर्मस्ट्रांग में एग्जीबिशन के लिए रखा गया था. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि मई के बीच से ही यह एयरक्राफ्ट अपनी जगह पर नहीं था.
सूत्रों का कहना है कि इसके बाद एयरक्राफ्ट को जांच के लिए हैंगर में ले जाया गया. तब से इसके ठिकाने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन नासा ने भी इस पर अभी तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है.
इस बीच, स्पेस एजेंसी के एक्सपेरिमेंटल एयरक्राफ्ट प्रोग्राम पर इसाकमैन की टिप्पणी अहम समय पर आई है. इसाकमैन ने साफ किया कि नासा की एक्सपेरिमेंटल कोशिशें और ऊंचे, दूर और तेज जाने की दिशा में जारी रहेंगी.
क्या नासा SR-71 प्रोग्राम को फिर से शुरू कर सकता है?
SR-71 प्रोग्राम को फिर से शुरू करना बेहद मुश्किल होगा. लेकिन इसे किसी तरह मुमकिन बनाने के लिए, नासा उन कई पूर्व इंजीनियरों से संपर्क कर रहा है, जिन्होंने इस मशहूर एयरक्राफ्ट पर काम किया था, ताकि इस फ्लाइट प्रोजेक्ट को वापस लाने के मिशन में उनकी मदद ली जा सके.
अमेरिकी नौसेना और जोबी (Joby) के पूर्व टेस्ट पायलट डेविड ऐश ने अमेरिकी वायु सेना और नासा के पूर्व टेस्ट इंजीनियर माइक रेलजा से मदद के लिए संपर्क किया. 'एविएशन वीक' की रिपोर्ट के मुताबिक, 70 के दशक की उम्र वाले रेलजा को पहले तो हैरानी हुई कि स्पेस एजेंसी ने इस प्रोजेक्ट के सिलसिले में उनसे संपर्क किया है.
एक्सपर्ट्स क्या बोले?
रेलजा ने कहा, 'मैंने उस शख्स से कहा, 'देखिए, मैं अब इतना बूढ़ा हो गया हूं कि अब काम नहीं कर सकता. मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं. मैं चाहूंगा कि आप इसमें सफल हों. यह दिलचस्प होगा. लेकिन मुझे नहीं लगता कि आप यहां से उस मुकाम तक पहुंच पाएंगे.'
रेलजा ने एक अहम बात कही, जिसमें उन्होंने 'टेल नंबर 844' ऑपरेशन को मुश्किल बताया, क्योंकि यह लगभग 27 साल से उड़ा नहीं है. उनके अनुसार, इतने सालों तक डिस्प्ले पर रहने के कारण एयरक्राफ्ट पानी और रेत के संपर्क में रहा होगा.
रेलजा ने कहा, 'मुझे पता है कि कुछ लोग इस पर काम कर रहे हैं. लेकिन बिना सही उपकरणों के, यह मेरी समझ से बाहर है कि वे क्या कर रहे हैं.'
रेलजा ने बताया कि 'ब्लैकबर्ड' में दो इंजन होते हैं. साथ ही इसके नीचे एक स्पेयर इंजन भी होता है. हो सकता है कि दशकों से इन इंजनों का रखरखाव न हुआ हो और न ही इन्हें चलाया गया हो. उन्होंने आगे कहा, 'जब हम काम कर रहे थे, तो अगर हमारे पास कोई स्पेयर इंजन होता था, तो हमें हर 90 दिन में उसे बदलना पड़ता था. हर 180 दिन में, हमें उसे चालू करके देखना पड़ता था ताकि वह जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल के लिए तैयार रहे. अब आप ऐसे इंजनों की बात कर रहे हैं जो 30 साल से ज्यादा समय से बेकार पड़े हैं.'
स्पेयर पार्ट्स कैसे मिलेंगे?
स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई भी एक बड़ी प्रॉब्लम है, क्योंकि 2007 में US एयरफोर्स और NASA ने लगभग 600 मिलियन डॉलर कीमत के ब्लैकबर्ड स्पेयर पार्ट्स तबाह कर दिए थे. अब, स्पेस एजेंसी को उन पार्ट्स को खोजना होगा या उन्हें फिर से बनाना होगा.
इस एयरक्राफ्ट के लिए ट्राईएथिलबोरेन की भी जरूरत होगी, जो इसके इंजन चालू करने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक खास केमिकल है. इसके अलावा, खास इंजन ऑयल, हाइड्रोलिक फ्लूइड और खास कार्ट की भी जरूरत होगी.
इस पर रेल्जा ने कहा, 'इंजन को बाहर निकालने के लिए कार्ट की जरूरत होती है. इंजन के स्पाइक्स और इजेक्शन सीट को खींचने के लिए इक्विपमेंट चाहिए होते हैं. वह सब सामान अब नहीं है.'
कई एक्सपर्ट्स ने ठुकराए ऑफर
खबरों के मुताबिक, NASA के एक और पूर्व SR-71 टेस्ट इंजीनियर टिम कॉनर्स से भी संपर्क किया गया था. कॉनर्स ने ऑफर ठुकरा दिया, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि यह सबसे तेज जासूसी विमान फिर से उड़ान भरेगा. यह ध्यान रखना जरूरी है कि अब तक स्पेस एजेंसी ने टेल नंबर 844 के आसमान में वापसी कन्फर्म नहीं की है.
NASA के प्रवक्ता ने एविएशन वीक को बताया, 'हम SR-71 और NASA में इसके शानदार इतिहास को लेकर लोगों की दिलचस्पी को समझते हैं, लेकिन इस समय हमारे पास इस एयरक्राफ्ट के बारे में शेयर करने के लिए कोई एक्स्ट्रा जानकारी नहीं है.'