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DNA: PNB में ग्राहकों की जमा पूंजी पर किसने किया हाथ साफ? ग्रेटर नोएडा में करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप, क्या है पूरा मामला?

ग्रेटर नोएडा के पीएनबी (PNB) बैंक की शाखा में ग्राहकों के करोड़ों रुपये गायब होने और एफडी (FD) टूटने का बड़ा मामला सामने आया है. RBI के नियमों के मुताबिक, बैंक कर्मचारियों की इस गड़बड़ी की पूरी जिम्मेदारी बैंक की है और उसे जांच का बहाना बनाए बिना ग्राहकों के पैसे तुरंत वापस करने चाहिए.

Written By Gaurav Singh
Published: Oct 28, 2026, 10:39 PM IST | Updated: Oct 28, 2026, 11:10 PM IST
Image Credit: ग्रेटर नोएडा से पीएनबी बैंक (PNB Bank) की एक ब्रांच में बड़े फर्जीवाड़े और घोटाले का मामला सामने आया है। AI
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PNB Bank Scam: दिल्ली के पास ग्रेटर नोएडा में एक बैंक ने ग्राहकों के पैसे ही नहीं, उनके भरोसे को ही गायब कर दिया. ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच से लोगों के करोड़ों रुपये गायब हो गए. किसी ने 10 लाख तो किसी ने 20 लाख रुपये बैंक में जमा कर रखे थे. कुछ ऐसे भी ग्राहक हैं जिन्होंने 1 करोड़ रुपये से ज्यादा बैंक में जमा किया था. लेकिन, जब वो अपना पैसा निकालने के लिए पहुंचे तो उन्हें कह दिया गया कि उनके खाते में पैसा ही नहीं है.

किसी ने अपनी बेटी के इलाज के लिए बैंक में पैसा जमा कर रखा था तो किसी ने बच्चे की शादी के लिए. कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इस पैसे से अपना घर बनवाना चाहते थे. लेकिन, बैंक के सिस्टम में मौजूद ठगों ने ग्राहकों की जमा रकम पर हाथ साफ कर दिया. आप भी सोच रहे होंगे, आखिर बैंक में हेराफेरी का वो जादूगर कौन है..जो खाताधारक के खाते से पैसा गायब कर रहा है? इस इलाके में कई किसानों को जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के समय करोड़ों में मुआवजा मिला था. उन किसानों ने बैंक पर भरोसा जताते हुए अपना वो पैसा जमा किया था. लेकिन, अब उनका अकाउंट खाली है.

35 करोड़ की जमा राशि गायब होने का आरोप लगा

शुरुआत में 35 करोड़ की जमा राशि गायब होने का आरोप लगा है. लेकिन, हंगामा होने के बाद जैसे-जैसे ग्राहक अपना खाता देखने लगे, वैसे-वैसे धोखाधड़ी की रकम भी बढ़ती गई. पीड़ितों का आरोप है कि अभी तक ढाई सौ ग्राहकों के 150 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पता चला है. सबसे पहले आपको धोखाधड़ी के शिकार लोगों की शिकायत सुननी चाहिए.

ये धोखाधड़ी उस बैंक में हुई जिसकी टैगलाइन है- भरोसे का प्रतीक. आप किसी बैंक में खाता खुलवाने के लिए कभी जाइए. वो आपके एक-एक डॉक्यूमेंट की पूरी पड़ताल करेंगे. उसको वेरिफाई करवाएंगे. कई जगह साइन करवाएंगे. कई बार गैर-जरूरी दस्तावेज भी आपसे मांगेंगे. जब आप बैंक से छोटी से छोटी रकम भी निकालने जाएंगे तो वो कई बार आपसे हस्ताक्षर करवाएंगे. उसको वेरिफाई करेंगे. आपका चेहरा पासबुक में लगी फोटो से मिलाएंगे. ब्रांच मैनेजर से मंज़ूरी लेंगे. तब आपको पैसा मिलेगा. हम इस सिस्टम के खिलाफ नहीं हैं.

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ऐसा मजबूत सिस्टम धोखाधड़ी रोकने में मदद करता है. लेकिन ये मजबूत सिस्टम उस वक्त  कहां चला गया जब ग्राहकों के करोड़ों रुपये खाते से निकल गए. आरोपों के मुताबिक़ 3 तरह से धोखाधड़ी की गई. किसी ग्राहक का कहना है कि बिना अनुमति उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD तोड़ दी गई और खाते में जमा रकम किसी और के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी गई. किसी के बचत खाते में जमा पैसा ग़ायब हो गया और ऐसे भी मामले हैं जहां चेक का पैसा किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिया गया.

आरोपों के मुताबिक, पिछले 1 साल से ये सब चल रहा था. लेकिन बैंक इसे पकड़ नहीं पाया. इसकी वजह ये थी कि बैंक में काम करने वाले कर्मचारियों पर ही धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं. अब हंगामा होने के बाद बैंक ने पुराने कर्मचारियों का ट्रांसफर कर दिया है, साथ ही जांच भी शुरू कर दी है.

बैंकिंग का पूरा ढांचा केवल पैसों पर नहीं, बल्कि ग्राहकों के अटूट भरोसे पर टिका होता है

कहा जाता है कि बैंकिंग का पूरा ढांचा केवल पैसों पर नहीं, बल्कि ग्राहकों के अटूट भरोसे पर टिका होता है. अगर भरोसा खो जाए तो पूरा बैंक ढह जाता है. ये बात PNB का मैनेजमेंट भी जानता होगा. लेकिन यहां भरोसे की स्थिति ये है कि खाते से 1-1 करोड़ रुपये गायब हो गए और बैंक के सिस्टम को कोई भनक भी नहीं लगी. बैंक का वो सिस्टम भी खराब निकला, जो खाते से पैसा कटने पर या ट्रांसफर होने पर ग्राहकों को ऑटोमेटिक SMS अलर्ट भेजता है. बैंक में काम करने वाले ठगों ने बैंक के सिस्टम को भी हैक कर लिया.


पुलिस ने इस मामले में औपचारिक रूप से दर्ज किया केस

2 दिनों तक हंगामे के बाद आज पुलिस ने इस मामले में औपचारिक रूप से केस दर्ज किया. कुल 18 लोगों ने अभी तक पुलिस को लिखित शिकायत दी है. इसके आधार पर ग्रेटर नोएडा के थाना बीटा टू की पुलिस ने ये FIR दर्ज की है. इसमें पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच के कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है. सूत्रों के मुताबिक़, आर्थिक अपराध से जुड़ा मामला होने की वजह से ये केस अब आर्थिक अपराध शाखा को ट्रांसफर किया जाएगा.

पंजाब नेशनल बैंक को लेकर हाल के दिनों में ये दूसरा बड़ा विवाद है. सहारनपुर में PNB बैंक की करेंसी चेस्ट में नकली नोट मिले थे. बैंक में ही काम करने वाले कर्मचारियों ने 17 करोड़ के जाली नोट करेंसी चेस्ट में रख दिए. इस मामले की जांच NIA कर रही है. इसमें बैंक के मैनेजर समेत 7 आरोपियों को अभी तक गिरफ़्तार किया जा चुका है.

और अब उत्तर प्रदेश के ही एक और ज़िले में बैंक से करोड़ों रुपये ग़ायब हो गए. ख़ास बात ये है कि दोनों ही मामलों में धोखाधड़ी का ख़ुलासा बैंक की तरफ़ से नहीं किया गया. सहारनपुर में RBI के आदेश पर जांच शुरू हुई. वहीं ग्रेटर नोएडा में ग्राहकों के हंगामे के बाद PNB को लगा कि कुछ गड़बड़ है.

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इन घटनाओं से पता चलता है कि धोखाधड़ी पकड़ने के लिए बैंक का अपना कोई सिस्टम ही नहीं है. शायद इसी तरह सोते रहने का नतीजा है कि नीरव मोदी PNB का 14 हज़ार करोड़ रुपये लेकर भाग गया. भारतीय बैंकिंग इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक होने के बाद उम्मीद थी कि PNB ज़्यादा अलर्ट रहेगा. लेकिन इन मामलों के सामने आने के बाद इस पर सवाल खड़े होते हैं.

ये उस बैंक का हाल है जो 131 साल पुराना है. जो सरकारी क्षेत्र में देश के सबसे बड़े बैंकों में शामिल है. जिसके ग्राहकों की संख्या 18 करोड़ से ज़्यादा है. जिसकी भारत में 10,481 ब्रांच है. जहां लोगों ने 17 लाख 77 हज़ार करोड़ रुपये जमा कर रखे हैं. RBI के निर्देश के अनुसार, अगर बैंक के कर्मचारी ने गड़बड़ी की है, तो उसे तुरंत ग्राहक को पैसा चुकाना चाहिए. 

इस स्थिति में ग्राहक की कोई ज़िम्मेदारी नहीं होगी और बैंक को पूरा पैसा वापस करना होगा. इस भुगतान को विभागीय कार्रवाई या पुलिस जांच पूरी होने तक टालने पर भी RBI ने स्पष्ट रुप से आपत्ति जताई है. यानी बैंक जांच का बहाना बनाकर ग्राहकों का पैसा नहीं रोक सकता है. इसलिए, इस मामले में कर्मचारियों पर कार्रवाई करके ही बैंक अपनी ज़िम्मेदारी से भाग नहीं सकता. उसे बैंक के प्रत्येक खाते का हिसाब-किताब देखकर ग्राहकों के नुक़सान की भरपाई करनी चाहिए. और इस काम में समय नहीं लगना चाहिए. अच्छा ये हो कि दिवाली से पहले ग्राहकों को अपना पूरा पैसा मिल जाए.

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जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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