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एशियन गेम्स-2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है. भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से करारी शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ भारत ने एशियाई खेलों में अपना 21वां स्वर्ण पदक हासिल किया है. वहीं, पुरुष हॉकी में भारत ने लगातार दूसरी बार एशियाड चैंपियन बनने की उपलब्धि हासिल की है.
भारत की इस ऐतिहासिक जीत एमपी के नर्मदापुरम जिले के ग्राम चादौन के रहने वाले हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद भी इस टीम के हिस्सा रहे. बता दें कि विवेक सागर के अंतर्राष्ट्रीय करियर का यह एशियन गेम्स में दूसरा स्वर्ण पदक है. इससे पहले वह 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं.
विवेक के गांव में खुशी का माहौल
वहीं भारतीय हॉकी टीम के एशियन गेम्स में चैंपियन बनते ही विवेक के गांव चादौन में खुशी का माहौल है. परिवार और ग्रामीणों ने एक साथ बैठक भारत-मलेशिया के बीच खेला गया रोमांचक फाइनल मुकाबला देखा. जैसे ही भारत ने 5-1 से जीत दर्ज की, वैसे ही पूरे गांव में खुशी का माहौल बन गया. इस दौरान लोगों ने आतिशबाजी की. इतना ही नहीं एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न भी मनाया.
कौन हैं विवेक सागर?
25 फरवरी 2000 को नर्मदापुरम के चादौन गांव में जन्मे विवेक सागर को बचपन में शतरंज, बैडमिंटन और क्रिकेट खेलने का काफी शौक था. 10 साल बाद विवेक ने हॉकी के बारे में जाना. जब वह स्कूल में पढ़ते थे, तब उस स्कूल में उन बच्चों को ही हॉकी के बारे में जानकारी दी जाती थी, जो इस खेल को खेलना चाहते थे.
बैडमिंटन-शतरंज खेलने का काफी शौक था
एक इंटरव्यू के दौरान विवेक सागर प्रसाद ने बताया था कि बैडमिंटन और शतरंज खेलने में काफी दिलचस्पी थी. उन्होंने कहा था कि हॉकी में रुचि रखने वाले प्रशिक्षण में शामिल हो सकते हैं. इस तरह हॉकी मेरे जीवन में आई. हॉकी का जादू विवेक सागर प्रसाद के ऊपर हावी हो गया. विवेक सागर अपने खाली समय में घर के पास छोटी सी जगह में प्रैक्टिस करते थे. कुछ महीनों बाद स्कूल स्तर पर हॉकी खेलने लगे.
हॉकी के जादूगर ने विवेक सागर को निखारा
साल 2013 में विवेक सागर अकोला में एक सीनियर लेवल का टूर्नामेंट खेल रहे थे. तभी हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के पुत्र अशोक कुमार ने विवेक को देखा, जिन्होंने 1975 में हॉकी विश्वकप फाइनल में विजयी गोल किया था. उन्हें 13 साल के विवेक सागर अन्य खिलाड़ियों से बिल्कुल अलग दिखे. मैच खत्म होने के बाद अशोक कुमार ने विवेक को एमपी हॉकी अकादमी में प्लेसमेंट की पेशकश की. उसके बाद से विवेक ने अपनी प्रतिभा को निखारने का काम जारी रखा.
विवेक सागर के जीवन का टर्निंग प्वाइंट
इसके बाद 2016 में विवेक का बड़ा टर्निंग प्वाइंट आया. जब विवेक का चयन जूनियर हॉकी विश्व कप के लिए भारतीय टीम में चयन होने वाला था. तभी विवेक भयंकर रूप से चोटिल हो गए थे. इसके बाद से उनके करियर पर भी बहुत बड़ा खतरा मंडराने लगा. इसके बाद से वह डिप्रेशन के शिकार भी हो गए. साल 2017 में चोट से रिकवर होकर सुल्तान ऑफ जोहोर कप में शानदार वापसी की. उन्होंने भारत की अंडर-21 टीम को कांस्य पदक भी दिलाया.
विवेक सागर की साल-दर-साल उपलब्धियां
2018
1. ब्यूनस आर्यस यूथ ओलंपिक गेम्स में रजत पदक जीता.
2. जकार्ता एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी टीम के साथ कांस्य पदक
3. चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम को रजत पदक जिताया.
4. एशिया कप में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
2019
1. FIH राइजिंग स्टार ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मान मिला.
2020
1. टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता.
2021
1. विवेक सागर को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
2. FIH यंग प्लेयर ऑफ द ईयर का पुरस्कार मिला.
2022
1. बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय टीम ने रजत पदक जीता.
2023
1. हांग्जौ एशियन गेम्स में भारत ने स्वर्ण पदक जीता.
2. एशियन चैंपियंस ट्रॉपी में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया.
2024
1. पेरिस ओलंपिक में भारत ने हॉकी में दूसरी बार कांस्य पदक जीता.
2. एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने फिर स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
2025
1. एशिया कप में भारतीय हॉकी टीम ने स्वर्ण पदक जीता.
2026
1. एशियाड गेम्स में मलेशिया को 5-1 से हराकर भारत ने स्वर्ण पदक जीता.
पूरे गांव में जीत का जश्न मनाया गया
जैसे ही भारत ने 5-1 से जीत दर्ज की. वैसे ही विवेक सागर के गांव चादौन में जश्न शुरू हो गया. लोगों ने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर भारतीय टीम की जीत का जश्न मनाया. फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया. कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत का खाता खोला. हालांकि, मलेशिया ने वापसी करते हुए एक गोल किया, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. लगातार गोल करते हुए 5-1 से शानदार जीत दर्ज की. इस जीत के साथ भारत ने लगातार दो एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि हासिल की. साथ ही, भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है.
क्या बोले विवेक सागर के पिता-फूफा?
वहीं विवेक सागर के फूफा रामेश्वर प्रसाद का कहना है कि गांव में मैच के दौरान बेहद उत्साह का माहौल था. पूरे परिवार और गांव के लोगों ने एक साथ लाइव मैच देखा. भारत की जीत के बाद जमकर जश्न मनाया. उन्होंने बताया कि लोगों ने डांस किया, मिठाइयां बांटीं. विवेक के पिता विद्या सागर प्रसाद ने कहा कि एशियन गेम्स में भारतीय टीम ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया. एक भी मुकाबला नहीं हारी. विवेक लगातार एशियन गेम्स और ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट में भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं. देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करते आए हैं. पिता ने आगे कहा कि पूरे गांव की उम्मीद 2028 ओलंपिक से है, सभी चाहते हैं कि भारतीय टीम वहां भी स्वर्ण पदक जीतकर लौटे.