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सरकारी स्कूल की अनोखी पहल: दिवाली पर गरीब बच्चों को बांटे नए कपड़े, पटाखे और मिठाइयां; चेहरे पर खिली मुस्कान

दमोह के एक सरकारी स्कूल में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां स्कूल प्रिंसिपल की पहल पर न सिर्फ स्कूल स्टाफ, बल्कि शहर के लोगों ने भी गरीब बच्चों को दिवाली की खुशिया बांटी.

Written By Sumit Rai
Published: Nov 07, 2026, 04:54 PM IST | Updated: Nov 07, 2026, 04:58 PM IST
Image Credit: इस दिवाली ने गरीब बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी
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महंगाई के इस दौर में त्योहारों की चमक हर किसी के जीवन में वैसी नहीं होती, जैसी होनी चाहिए, लेकिन मध्य प्रदेश के दमोह जिले के एक सरकारी स्कूल ने इस सोच को बदलते हुए एक बेहद अनूठी और प्रेरणादायक पहल की है. जिले के हिरदेपुर स्थित शासकीय स्कूल में दीपावली के पावन पर्व पर एक ऐसा नवाचार देखने को मिला, जिसने सैकड़ों गरीब बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी. इस स्कूल में पढ़ने वाले लगभग 95 फीसदी बच्चे बेहद गरीब तबके से आते हैं, जिनके परिवारों के लिए दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर नए कपड़े, मिठाइयां या पटाखे खरीदना आर्थिक रूप से मुमकिन नहीं हो पाता था.

दमोह के हिरदेपुर में स्थित सरकारी स्कूल में बच्चों की इस कमी को महसूस करते हुए स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य टीचर्स ने खुद आगे बढ़कर एक सराहनीय पहल की. इस नेक काम में शहर के अन्य संभ्रांत और मददगार लोग भी जुड़ गए. देखते ही देखते जनसहयोग से स्कूल के तमाम बच्चों के लिए नए कपड़े, मिठाइयां, खिलौने, पटाखे और आकर्षक उपहार जुटाए गए. जब ये सभी सामग्रियां बच्चों को सौंपी गईं, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

हद भावुक कर देने वाला था पल

इस पूरी पहल ने न केवल बच्चों को त्योहार की वास्तविक खुशियां दीं, बल्कि वहां मौजूद शिक्षकों के लिए भी यह पल बेहद भावुक कर देने वाला था. शिक्षकों का कहना था कि वे इन बच्चों को सिर्फ पढ़ाते ही नहीं, बल्कि अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं. इस छोटी सी कोशिश से गरीब बच्चे भी बाकी बच्चों की तरह धूमधाम से दीपावली मनाने में सक्षम हो सके. दमोह के इस सरकारी स्कूल की यह मानवीय और संवेदनशील पहल अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों के लिए एक मिसाल बन गई है.

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स्कूल प्रबंधन की इस पहल ने सैकड़ों बच्चों को त्यौहार की खुशियां दी, तो ये दृश्य देखकर खुद टीचिंग स्टाफ भावुक हो गया. उन्हें सुकून मिला कि जिन बच्चों को वो शिक्षा दीक्षा दे रहे है, जिन्हें परिवार की तरह मान रहे है, उन बच्चों को पारिवारिक आर्थिक कमजोरी का एहसास नहीं होगा.

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न्यूज़ मीडिया में 13 सालों से अधिक के अनुभव के साथ सुमित राय एक डिजिटल पत्रकार हैं. वर्तमान में सुमित राय Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम के लीड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, क्राइम और हाइपरलोकल मुद्दों के सटीक और गहरे विश्लेषण पर उनकी मजबूत पकड़ है.भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद सुमित ने मीडिया जगत में अपनी पहचान बनाई. अपने करियर के दौरान उन्होंने राजस्थान पत्रिका, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और लोकमत हिंदी जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है. ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ-साथ जटिल राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' और 'ओपिनियन' लिखना उनकी मुख्य पहचान है. वे न्यूज़ डेस्क मैनेजमेंट और क्वालिटी एश्योरेंस के उच्च मानकों को बनाए रखते हैं, ताकि पाठकों तक प्रामाणिक, निष्पक्ष और तथ्य-आधारित खबरें ही पहुंचे.सुमित राय से संपर्क करने के लिए आप उन्हें sumit2.kumar@zeemedia.com पर ईमेल कर सकते हैं. इसके अलावा, आप एक्स (ट्विटर), फेसबुक और लिंक्डइन पर उनके हैंडल @imSumitKRai के जरिए उनसे सीधे जुड़ सकते हैं.
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