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उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत कंठाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक 900 मीटर लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है. इस अलाइनमेंट में शाही मस्जिद का एक हिस्सा आ रहा है, जिसमें 120 फीट ऊंची मीनार और नमाज अदा करने वाला हिस्सा शामिल है. इस हिस्से को हटाने को लेकर रविवार रात प्रशासन और शहर काजी के बीच सहमति बन गई थी. तय हुआ था कि मस्जिद कमेटी खुद इस निर्माण को हटाएगी, लेकिन सोमवार सुबह जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, हालात बिगड़ गए. शाही मस्जिद के बाहर भीड़ जमा हो गई, विरोध शुरू हो गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब रात में सहमति बन गई थी, तो सुबह अचानक इतना बड़ा बवाल कैसे हुआ?
उज्जैन शाही मस्जिद पर कैसे बिगड़े हालात?
दरअसल, रविवार रात प्रशासन और शहर काजी खलिकुररेहमान के बीच एक बैठक हुई थी. बैठक में तय हुआ था कि सड़क में आ रही शाही मस्जिद के हिस्से को हटाया जाएगा. ये भी तय हुआ कि प्रशासन की JCB से तोड़ने के बजाय मस्जिद कमेटी के लोग खुद ही उस हिस्से को हटाएंगे. शहर काजी ने इस जानकारी के बारे में एक वीडियो भी शेयर किया था. रात में हुए समझौते के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के तौर पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया. सोमवार सुबह समुदाय के कुछ सदस्यों ने मस्जिद के उस हिस्से को हटाना शुरू भी कर दिया था. तभी दूसरा गुट विरोध में आ गया. बताया जा रहा है कि व्हाट्सएप पर मैसेज वायरल होने के बाद धीरे-धीरे मस्जिद के पास भीड़ बढ़ती गई और माहौल बिगड़ गया.
विरोध में महिलाएं भी शामिल
विरोध में महिलाएं भी शामिल थीं. पुलिस के मुताबिक कुछ लोग बैरिकेड तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे, इसी से पुलिस और भीड़ में कहासुनी बढ़ गई और पत्थरबाजी शुरू हो गई. भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को आंसू गैस छोड़नी पड़ी और लाठीचार्ज करना पड़ा.
पूरी शाही मस्जिद नहीं तोड़ी जा रही
यहां एक बात साफ करना जरूरी है कि पूरी शाही मस्जिद नहीं तोड़ी जा रही है. सिर्फ उतना ही हिस्सा हटाया जा रहा है जो सड़क के 15 मीटर के दायरे में आ रहा है. इसमें नमाज वाली जगह का थोड़ा हिस्सा, 120 फीट ऊंची मीनार और मजहर चौक का कुछ हिस्सा शामिल है. इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका भी लगी थी, जिसे 9 सितंबर को कोर्ट ने खारिज कर दिया था.
क्यों हो रहा विरोध?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि विरोध क्यों हो रहा है? मस्जिद से जुड़े लोगों का कहना है कि वे सड़क के लिए पहले ही दुकानें और जमीन का कुछ हिस्सा दे चुके हैं. उनका तर्क है कि मस्जिद को हटाने के बजाय सड़क का अलाइनमेंट बदलना चाहिए और कोई दूसरा विकल्प ढूंढा जाना चाहिए. वहीं प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ की तैयारी और 15 मीटर चौड़ी सड़क के लिए ये हिस्सा हटाना जरूरी है, इसका कोई दूसरा विकल्प नहीं है.
शहर काजी ने की अपील
इसी बीच शहर काजी खलिकुररेहमान ने कहा कि, मस्जिद का मामला रात में ही आपसी सहमति से सुलझ गया था. ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जिसके लिए किसी को वहां जाने की आवश्यकता हो. जिस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया गया है, उसे पूरा किया जा रहा है. सभी से अपील है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अफवाहों के कारण घर से बाहर निकलकर अनावश्यक रूप से मौके पर न जाएं.
उज्जैन
शहर काजी खलीलुर्रहमान ने जारी किया वीडियो संदेश,
शाही मस्जिद कमेटी खुद अपने हाथों से मस्जिद तोड़ रहे हैं, कुछ लोग सोशल मीडिया पर फिजूल माहौल बना रहे हैं शहर अपना है इसकी हिफाजत भी हमें करना है... ।@CMMadhyaPradesh pic.twitter.com/B8CePgSQuE— Collector Ujjain (@collectorUJN) September 28, 2026
अफवाह पर ध्यान न दें- कलेक्टर
वहीं कलेक्टर रोशन सिंह ने कहा कि, वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है. श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए मास्टर प्लान के अनुरूप सड़कों के चौड़ीकरण एवं अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं. इन विकास कार्यों में सभी धर्मों और समाजों के लोग स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं. सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले मकान, दुकानें और धर्मस्थल आदि को संबंधित समाजजनों द्वारा स्वेच्छा से हटाया जा रहा है. इसी क्रम में छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का एक हिस्सा भी समाजजनों द्वारा स्वत: हटाया जा रहा है. यह सभी समाजों के सहयोग और समन्वय की सकारात्मक मिसाल है. मैं सभी से अपील करता हूं कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति एवं सद्भाव बनाए रखें.