)
मध्य प्रदेश के उज्जैन में होने वाले आगामी 'सिंहस्थ महाकुंभ 2028' की तैयारियां अब जोर पकड़ने लगी हैं. इसी कड़ी में प्रशासन और नगर निगम अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रहा है. रविवार सुबह नरसिंह घाट रोड स्थित महासिद्धि आश्रम में नगर निगम की टीम कार्रवाई करने पहुंची. नगर निगम की टीम ने JCB और पोकलेन जैसी भारी मशीनों का इस्तेमाल करके उन निर्माणों को हटाया, जो विशेष रूप से सिंहस्थ आयोजन के लिए आरक्षित जमीन पर किए गए थे.
दरअसल, नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर ने बताया कि महासिद्धि आश्रम में बिना अनुमति के निर्माण कार्य किया जा रहा था. यह क्षेत्र सिंहस्थ (कुंभ मेला) के लिए आरक्षित है. इस निर्माण कार्य को लेकर पहले भी नोटिस जारी किए जा चुके थे. इसके चलते अब नगर निगम इन ढांचों को हटाने की कार्रवाई कर रहा है. राठौर के अनुसार, परिसर के अलग-अलग हिस्सों में तीन-चार स्ट्रक्चर बने हुए हैं, जिनमें से कुछ अभी भी निर्माणाधीन हैं और फिलहाल इन्हें तोड़ा जा रहा है. सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत, नगर निगम आरक्षित क्षेत्र में हुए अनधिकृत निर्माणों को हटा रहा है. अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
इस कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए किसी भी संभावित विरोध से निपटने के लिए नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया था. लगभग 100 गुणा 50 फीट के बड़े क्षेत्र में फैले इस ढांचे को गिराए जाने से सिंहस्थ क्षेत्र में एक बार फिर काफी हलचल मच गई है. प्रशासन ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि, महाकुंभ के आयोजन में बाधा डालने वाले किसी भी अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और सभी आरक्षित जमीनों को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त कराया जाएगा. इस कार्रवाई से उन लोगों के बीच हड़कंप मच गया है, जिन्होंने जमीन पर अतिक्रमण कर रखा था.
प्रशासन का सख्त रुख यह स्पष्ट करता है कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. आरक्षित जमीनों को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए आने वाले दिनों में ऐसी कार्रवाई और तेज होने की संभावना है. महाकुंभ के भव्य आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की 'बुलडोजर कार्रवाई' जारी रहेगी.