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मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पड़ोसी जिले पड़ोसी जिले दमोह में भी एक संदिग्ध मरीज सामने आया है, जिसका इलाज जारी है. दमोह में जहरीली शराब का मामला सामने आने के बाद लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं, वहीं पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है. अभी जहरीली शराब की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस अलर्ट मोड पर है और साथ ही जिला अस्पताल में भी सभी तैयारियां कर ली गई हैं. तहसीलदार लगातार हालात की निगरानी में जुटे हुए हैं. इस बीच डॉक्टरों ने इस शराब के सेवन से शरीर के अंदरूनी अंगों पर पड़ने वाले जानलेवा प्रभाव को लेकर बेहद चिंताजनक खुलासे किए हैं.
दमोह जिला अस्पताल के प्रबंधक सुरेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि कैजुअल्टी वार्ड में भर्ती पीड़ित मरीज भगवान सिंह के किडनी और लिवर में परेशानी है, जो कि जहरीले पदार्थ के सेवन से ही होता है. मरीज के इलाज में लगे डॉक्टर्स लगातार कोशिश कर रहे हैं कि उसे बेहतर इलाज दिया जाए, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है. इसके बाद मरीज भगवान सिंह को जबलपुर हायर सेंटर रेफर करने की तैयारी की जा रही है.
फेफड़े, दिमाग, किडनी और लिवर पर सीधा असर
डॉक्टर सुरेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि कच्ची या जहरीली शराब का सेवन शरीर के मुख्य अंगों को तुरंत और गंभीर नुकसान पहुंचाता है. अचेत स्थिति में जाने के कारण मरीज के फेफड़ों में पानी भर रहा है, जिससे उन्हें सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही है. जहरीले केमिकल के कारण दिमाग का तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो रहा है, जिससे मरीज होश खो रहे हैं. अत्यधिक विषाक्त पदार्थों को पचा न पाने के कारण लिवर और किडनी पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे स्थिति बेहद क्रिटिकल हो जाती है.
डॉक्टर सिंह ने चेतावनी देते हुए बताया, 'कच्ची शराब पीने के बाद आंखों में धुंधलापन, लंग्स में इन्फेक्शन और अंदरूनी अंगों में सूजन जैसी समस्याएं आती हैं. लोग शुरुआत में इसे मामूली समझकर टाल देते हैं, लेकिन जब तक वे अस्पताल पहुंचते हैं, हालत बेहद गंभीर हो चुकी होती है. हमारी अपील है कि लोग ऐसी शराब से दूर रहें.' उन्होंने आगे बताया कि पथरिया के गोपाल सिंह लोधी जैसे मरीज भी यहां आए थे, जो बंडा से शराब पीकर आए थे. प्राथमिक उपचार देकर उन्हें सागर रेफर किया गया है.
सागर के बंडा से जुड़े तार
अस्पताल में भर्ती दमोह के बिमली चौकी के रहने वाले भगवंत सिंह गौड़ की उम्र 25 साल बताई जा रही है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र (जबलपुर/सागर) रेफर करने की तैयारी की जा रही है. ग्रामीणों के मुताबिक, उसने बंडा इलाके से लाई गई कच्ची शराब पिया था. वहीं, एक दिन पहले पथरिया के गोपाल सिंह लोधी को भी बंडा से लाई शराब के सेवन के बाद गंभीर हालत में सागर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था.
गांवों में बेखौफ बिक रही अवैध शराब
जिला अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों ने क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है. ग्रामीणों का साफ आरोप है कि गांव में दो-तीन जगह अवैध शराब बेची जाती है. पुलिस वाले आते तो हैं, लेकिन मना करने या रोकने के बजाय औपचारिकता निभाकर वापस चले जाते हैं. कोई ठोस कार्रवाई या जब्ती नहीं की जाती, जिससे शराब बेचने वालों के हौसले बुलंद हैं.'
60 ठिकानों पर छापेमारी, 300 लीटर शराब जब्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए दमोह के पुलिस अधीक्षक (SP) और तहसीलदार ने खुद जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हाल जाना और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. मामले पर जानकारी देते हुए एसपी ने बताया, 'अस्पताल में भर्ती मरीज के लंग्स में पानी भरा हुआ था, जिसे डॉक्टरों ने क्लीन किया है. फिलहाल शराब से ही यह स्थिति हुई है या नहीं, इसकी डॉक्टरी पुष्टि होना बाकी है. हालांकि, एहतियात के तौर पर पुलिस ने एक्शन शुरू कर दिया है. पिछले 24 घंटों में 60 अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई कर 300 लीटर से अधिक कच्ची शराब जब्त की गई है और 60 से ज्यादा अपराध दर्ज किए गए हैं. सागर सीमा से सटे गांवों में मुनादी (अनाउंसमेंट) कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है.'
अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग
दमोह जिला अस्पताल प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं. एंबुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को बिना समय गंवाए तत्काल सागर मेडिकल कॉलेज या जबलपुर रेफर किया जा सके. फिलहाल पूरे दमोह जिले में जहरीली शराब को लेकर दहशत का माहौल है और लोग प्रशासन से अवैध कारोबार पर सख्त नकेल कसने की मांग कर रहे हैं.