'दोषियों को फांसी हो...', शहीद TI की पत्नी कविता पुरी का छलका दर्द, सरकार के सामने रखी कई मांगे
धार जिले के रहने वाले टीआई दिलीप पुरी के शहीद होने के बाद पूरे गांव में मातम सा पसरा हुआ है. वहीं उनकी पत्नी ने ZEE NEWS की टीम से खास बातचीत की है. आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा है?
मध्य प्रदेश के धार जिले के शहीद टीआई दिलीप पुरी के पैतृक गांव में मातम सा पसरा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. वहीं डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भी उनके गांव बरमंडल पहुंचकर परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी. उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है. वहीं मौके पर मौजूद टीआई दिलीप पुरी की पत्नी कविता पुरी ने उनसे कई मांग की. उन्होंने ZEE NEWS की टीम से खास बातचीत की.
कविता पुरी ने कहा कि उनके पति की हत्या के मामले में जो भी दोषी हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि ठेकेदार, ट्रक मालिक और ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और ड्राइवर को फांसी की सजा दी जाए.
सरकार के सामने रखी मांग
साथ ही, उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार उनके दोनों बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाए. उनका बेटा जिस स्कूल में अभी पढ़ रहा है, उसी स्कूल में उसकी पढ़ाई जारी रखी जाए और बेटी की MBBS की पढ़ाई पूरी कराई जाए. इसके अलावा, उन्होंने पास में स्थित एक स्कूल का नाम उनके पति दिलीप पुरी के नाम पर रखने और वहां उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग की. कविता पुरी चाहती हैं कि मुख्यमंत्री स्वयं स्कूल पहुंचकर प्रतिमा का उद्घाटन करें.
सेंधवा नेता पर क्या बोलीं ?
इतना ही नहीं कविता पुरी ने यह भी बताया कि सेंधवा के कुछ लोग एक मामले को लेकर उनके पति के पीछे पड़े हुए थे. उन्होंने कहा कि सेंधवा के एक नेता ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया था कि वे दिलीप पुरी को नहीं छोड़ेंगे और आगे तक उनके पीछे पड़े रहेंगे.
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कविता ने आगे क्या कहा ?
उन्होंने कहा कि उस दौरान उनके पति काफी परेशान रहते थे और उन्हें सरकार के माध्यम से भी परेशान किया जा रहा था. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पति ने कभी अपनी जान को खतरा होने की बात उनसे नहीं कही थी. कविता पुरी ने संदेह जताया कि सेंधवा का वही नेता इस मामले में कुछ कर सकता है, लेकिन उन्होंने नेता का नाम नहीं बताया.
(रिपोर्टः कमल सोलंकी, धार)