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मध्य प्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण पर जबलपुर हाईकोर्ट फैसला सुना चुका है. इस फैसले को लेकर शिवपुरी में हंगामा देखने को मिला. कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शनकारियों और विधायक के बीच काफी बहस भी हुई. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
दरअसल, शिवपुरी कलेक्ट्रेट में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण की बहाली की मांग को लेकर ओबीसी महासभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. बताया जा रहा है कि ओबीसी महासभा के कार्यकर्ता रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, जहां पर उन्होंने ज्ञापन के जरिए हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रभावी कानूनी कार्रवाई और आरक्षण के लिए ने विधायी प्रावधान लाने की मांग की.
युवक ने भी दिया जवाब
वहीं शिवपुरी विधानसभा सीट से विधायक भी पहुंचे थे. प्रदर्शन के दौरान विधायक और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी हो गई. इस दौरान विधायक देवेंद्र जैन ने प्रदर्शनकारी से पूछा, 'क्या मैं गधा हूं.' विधायक के इस सवाल का जवाब देते हुए युवक ने कहा, 'हां, आप गधे हो, मैं ग्रेजुएट हूं.' इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
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आखिर मामला क्या है?
8 अक्टूबर 2026 को 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण पर जबलपुर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था. कोर्ट ने 27 फीसदी आरक्षण की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था. इस दौरान कोर्ट ने 14 फीसदी तक आरक्षण सीमित रखा. साथ ही 13 फीसदी आरक्षण के तहत रोके गए पदों पर तीन महीनों के अंदर अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश दिया था.
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आरक्षण पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा था कि प्रदेश सरकार 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए जरूरी और पर्याप्त आंकड़े पेश नहीं कर पाई है. कोर्ट ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ और जयश्री लक्ष्मण राव पाटिल मामलों में तय किए गए सिद्धांतों का भी जिक्र किया है. कोर्ट ने आगे कहा कि आरक्षण कुल सीमा 50 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. हाईकोर्ट के इस फैसले पर ओबीसी महासभा निराश नजर आई.
हक की लड़ाई लड़ेंगे
ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी के अध्यक्ष लोकेंद्र गुर्जर का कहना है कि अब किसी सरकार के भरोसे नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक हक की लड़ाई लड़ेंगे. आगे कहा कि इस निर्णय से ओबीसी वर्ग के उन अभ्यर्थियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है, जो सालों से अपने संवैधानिक अधिकार और न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं. उन्होंने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए अपील करने की बात कही है.
(रिपोर्टः पूनम पुरोहित, शिवपुरी)