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Satna Hospital News: मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ता ही जा रही है. पिछले 10 दिनों के अंदर जिला अस्पताल में OPD मरीजों की संख्या 11 हजार पार पहुंच गई है. दरअसल, इस अस्पताल में सिर्फ 400 बेड हैं, लेकिन 600 से ज्यादा मरीजों को भर्ती किया गया है. वार्डों में जगह नहीं बची तो मरीजों को जमीन और गैलरी में मैट्रेस डालकर लिटाना पड़ रहा है. बारिश में बुखार, सर्दी-जुकाम और उल्टी-दस्त के मरीज तेजी से बढ़े हैं. यही वजह है कि सतना अस्पताल में हालात बिगड़ रहे हैं.
बता दें कि, पिछले 10 दिनों के अंदर जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है. बात करें 7 सितंबर की तो इस दिन अस्पताल की OPD में 1936 मरीज पहुंचे थे. इसके बाद 8 सितंबर को 1671 और 9 सितंबर को करीब 1600 मरीज आए. IPD में 10 दिन के दौरान लगभग 2000 मरीज भर्ती हुए. 7 सितंबर को 280, 8 सितंबर को 238 और 9 सितंबर को 208 मरीज भर्ती किए गए. बाढ़ के बाद चित्रकूट, पन्ना, छतरपुर, शहडोल और यूपी के बांदा तक से मरीज सतना पहुंच रहे हैं. इससे सतना जिला अस्पताल पर मरीजों का दबाव और बढ़ गया है. लोग इलाज, बेड और स्टाफ को लेकर चिंता जता रहे हैं. है.
स्टाफ की कमी से बढ़ी परेशानी
नर्सिंग स्टाफ की कमी भी बड़ी वजह बनी हुई है. 600 मरीजों पर सतना जिला अस्पताल में सिर्फ 130 नर्सिंग स्टाफ तैनात है, जबकि स्वीकृत पद 185 हैं. जरूरत के मुकाबले स्टाफ कम है और मरीजों की संख्या ज्यादा बनी हुई है. सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह का कहना है कि अस्पताल में रोज 1500-2000 मरीज आ रहे हैं. बेड भर जाने पर मजबूरी में गैलरी में मैट्रेस डालकर इलाज करना पड़ रहा है. सतना स्वास्थ्य विभाग के सामने भीड़ संभालना बड़ी चुनौती बनी हुई है. बारिश और बाढ़ के बाद बढ़ी बीमारी के बीच सतना जिले में अस्पताल व्यवस्था पर पूरी तरह चरमराई हुई है.
हर रोज कितने मरीज पहुंच रहे
सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह का कहना है कि जिला अस्पताल के पास 400 बेड ही हैं, जबकि रोजाना 1500-2000 मरीज पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि मजबूरी में गैलरी में मैट्रेस डालकर इलाज किया जा रहा है. स्टाफ की कमी को लेकर पत्र लिखा गया है. अस्पताल के लिए 150 बेड का अस्पताल भी बन रहा है, लेकिन उसे तैयार होने में समय लगेगा. डॉ. अमर सिंह ने मरीजों को हुई परेशानी पर क्षमा मांगी है.