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नल में झाग, बदबू और रंगीन पानी: बोरवेल से आ रहा 'एसिडिक' पानी! उज्जैन में केमिकल वेस्ट से भूजल दूषित होने की आशंका; गहराया जल संकट

उज्जैन के देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी के रहवासी दूषित भूजल की शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे. रहवासी डब्बे में गंदा पानी भरकर लाए और अधिकारियों को पानी दिखाते हुए आरोप लगाया कि आसपास औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले रायायनिक अपशिष्ट के कारण भूजल प्रदूषित हो रहा है.

नल में झाग, बदबू और रंगीन पानी: बोरवेल से आ रहा 'एसिडिक' पानी! उज्जैन में केमिकल वेस्ट से भूजल दूषित होने की आशंका; गहराया जल संकट

उज्जैन में करीब 400 परिवारों के सामने पीने के पानी को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है. देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी के रहवासी बोरवेल के पानी में गंदगी, झाग और दुर्गंध की शिकायत लेकर जनसुनवाई पहुंचे. रहवासियों ने पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताते हुए मामले की जांच की मांग की है. रहवासियों का आरोप है कि आसपास की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले केमिकल वेस्ट के कारण भूजल प्रभावित हो सकता है. उनका कहना है कि बौरवेल से आने वाले पानी में गंदगी और झाग के साथ दुर्गंध भी आ रही है, जिससे परिवारों से सामने सुरक्षित पेयजल का संकट पैदा हो गया है. रहवासियों ने प्रशासन से पानी और आसपास के अपशिष्ट के सैंपल लेकर जांच कराने की मांग की है. साथ ही जांच पूरी होने तक प्रभावित परिवारों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है.

स्थानीय लोगों ने कलेक्टर के नाम जिला पंचायत सीईओ श्रीश कुमुद को शिकायती आवेदन सौंपा और भूजल की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की. इस दौरान लोगों का कहना था कि कॉलोनी में पीएचईडी का कनेक्शन नहीं है. ऐसे में ज्यादातर परिवार बोरवेल और ट्यूबवेल के पानी पर ही निर्भर हैं. लेकिन अब इसी पानी की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.

औद्योगिक इकाइयों की जांच की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनी के पीछे कुछ औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला केमिकल वेस्ट भूजल को प्रभावित कर रहा है. उनका दावा है कि बोरवेल के पानी में कई जगह गंदगी, झाग, रंग और दुर्गंध जैसी समस्या सामने आ रही है. शिकायती आवेदन में मांग की गई है कि संबंधित औद्योगिक इकाइयों और कथित रूप से केमिकल वेस्ट डाले जाने वाले स्थानों का निरीक्षण कराया जाए. लोगों की मांग है कि, मौके की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराया जाए. पानी और अवशिष्ट के सैंपल लेकर अधिकृत प्रयोगशाला में उनकी जांच कराई जाए.

प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर FIR दर्ज करने की मांग
रहवासियों ने यह भी मांग की कि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएं और जरूरत पड़ने पर उन्हें सील कर दिया जाए. इसके अलावा, कॉलोनी के लिए पीने के पानी की वैकल्पिक आपूर्ति की भी मांग की गई है. लोगों ने बताया कि वे तीन महीने से आवेदन दे रहे हैं, फिर भी यह समस्या हल नहीं हुई है. उन्होंने चिंता जताई कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

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Pooja

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पूजा सिंह एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 5 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय (हाइपरलोकल) मुद्दों की सटीक व रियल-टाइम डिजिटल कवरेज पर उनकी मजबूत पकड़ है.माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद पूजा ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने Inshorts और नवभारत जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम करते हुए डिजिटल जर्नलिज्म, कंटेंट क्यूरेशन और न्यूज़ डेस्क ऑपरेशंस का अनुभव हासिल किया. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देती हैं, ताकि पाठकों तक हर जरूरी अपडेट तेजी से पहुंचे.पूजा सिंह से आप Pooja1.Singh@India.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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