पहले जीतू पटवारी, फिर वृंदा करात… पन्ना के चिता आंदोलन में ऐसा क्या, जो बढ़ा रहा सियासी हलचल?
पन्ना जिले में केन-बेतवा और रूंज-मझगायां सिंचाई परियोजनाओं से विस्थापितों के मुआवजे का मुद्दा गरमा गया है. वहीं जीतू पटवारी के बाद वृंदा करात भी चिता आंदोलन के समर्थन में पहुंची है.
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित लोगों के मुआवजे से लेकर पुनर्वास का मुद्दा गरमाता जा रहा है. करीब दो महीने से मझगायां बांध पर जारी चिता आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन मिलने लगा है. सोमवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पन्ना जिला जेल पहुंचे. जहां पर उन्होंने विस्थापितों के हक के लिए संघर्ष कर रही 24 साल की दिव्या अहिरवार से मुलाकात की. जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रसाशन पर जमकर निशाना साधा है.
वहीं जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि पन्ना और छतरपुर में साल 2015-16 से आदिवासियों की जमीन छीनने का सिलसिला लगातार जारी है. लेकिन प्रभावित परिवारों को अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा कि दिव्या अहिरवार ने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई तो उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल में डाल दिया है. जीतू पटवारा का कहना है कि दमकारी कार्रवाई बताते हुए प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं. साथ ही उन्होंने पन्ना के पुलिस अधीक्षक पर भी अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया है.
एमपी सरकार पर साधा निशाना
जीतू पटवारी ने एमपी सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने सागर, देवास और मुरैना में जहरीली शराब से हुी मौत, छिंदवाड़ा और बालाघाट में बच्चों की मौतों के मामलों का भी जिक्र किया है. इतना ही नहीं उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदेश में आम लोगों की समस्याओं पर सरकार गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है. उन्होंने चेतावनी दी है, कि आदिवासियों और विस्थापितों के साथ हो रहे अन्याय का जवाब जनता आने वाले चुनावों में देगी.
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पटवारी के बाद वृंदा करात पहुंची
जीतू पटवारी के बाद पूर्व राज्यसभा सांसद और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की नेता वृंदा करात भी चिता आंदोलन को समर्थन देने के लिए पन्ना पहुंची. जहां पर उन्होंने मझगायां बाध इलाके में आंदोलनकारियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं. इस दौरान वृंदा करात ने कहा कि विस्थापितों के अधिकारों की आवाज भोपाल से लेकर दिल्ली तक उठाई जाएगी. वृंदा करात ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि प्रभावित लोगों की मांगों को दिल्ली तक उठाने का प्रयास करेंगे.
(रिपोर्टः पीयूष शुक्ला, पन्ना)