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मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस ने शादी के विज्ञापनों के जरिए धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह के सदस्यों को सफलतापूर्वक पकड़ लिया है. इस मामले की एक चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह के तार पाकिस्तान में बैठे सरगनाओं से जुड़े पाए गए हैं, जिनके इशारे पर ये ठगी की गतिविधियां चलाई जा रही थीं. पुलिस अभी इस मामले की जांच कर रही है. यह गिरोह 100 से ज्यादा ऐसे मामलों में शामिल रहा है जिनमें ₹11 करोड़ से ज्यादा की ठगी हुई है.
11 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा
मंदसौर पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों में बैठकर ठगी का नेटवर्क चला रहा था और शुरुआती जांच में 11 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है.
जानिए पूरा मामला
यह मामला शामगढ़ की एक महिला से जुड़ा है, जिसे एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर NRI बनकर आए धोखेबाजों ने अपने जाल में फंसाया था. शादी का झांसा देकर विदेशी गिफ्ट और कस्टम ड्यूटी के नाम पर महिला से करीब साढ़े 7 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवाए गए. शिकायत मिलने के बाद, SP विनोद कुमार मीणा की देखरेख में एक स्पेशल टीम बनाई गई. लगभग डेढ़ महीने तक चली टेक्निकल जांच और अलग-अलग राज्यों में चले ऑपरेशन के बाद, पुलिस ने जयपुर (राजस्थान) और बिहार से गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, इस गैंग ने 100 से ज़्यादा साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दिया है.
पुलिस ने बरामद किया कई समान
पुलिस ने आरोपियों के पास से 22 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 30 सिम कार्ड और 5 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं. इसके अलावा, अलग-अलग बैंक खातों में जमा ₹8 लाख से ज़्यादा की रकम को फ़्रीज कर दिया गया है. मंदसौर पुलिस के इस ऑपरेशन से साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफ़ाश हुआ है. पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों की भी जांच कर रही है.
पाकिस्तानी एंगल आया सामने
पुलिस के अनुसार, मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए धोखाधड़ी से जुड़े साइबर क्राइम के मामले में शिकायत दर्ज की गई थी. पीड़ितों को तोहफे देने का झांसा देकर ठगा गया और कस्टम क्लीयरेंस फीस जैसे कई बहाने बनाकर उनसे पैसे ऐंठे गए. इस मामले में SP की देखरेख में एक शातिर गिरोह को पकड़ा गया है, जो अलग-अलग हिस्सों में बंटे हुए स्ट्रक्चर के साथ काम करता था. पकड़े गए लोगों का मुख्य काम अलग-अलग अकाउंट से पैसे निकालना और उन्हें गिरोह तक पहुंचाना था. अभी तक की विवेचना में जिन लोगों के इशारे पर और जिन लोगों के लिए यह गिरोह काम कर रहा था, उसमें अभी तक पाकिस्तानी एंगल सामने आया है.