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मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में बिजली कटौती ने ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. लगातार कई दिनों से हो रही बिजली कटौती से परेशान होकर तनोडिया और पलाखेड़ी गांव के सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए. आक्रोशित ग्रामीणों ने देर शाम इंदौर-कोटा नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया. करीब 10 किलोमीटर के दायरे के दो गांवों के लोगों ने एक साथ हाईवे को जाम किया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया. मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग पर अड़े रहे.
बिजली कटौती से परेशान ग्रामीण
यह मामला नवरात्रि के दौरान बिजली कटौती से जुड़ा है. तनोडिया गांव के लोगों का आरोप है कि रात 8 बजे जब माता की आरती होती है, तो बिजली काट दी जाती है, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों में बाधा आती है. वहीं, पलखेड़ी गांव के लोग बिना किसी तय समय के होने वाली बिजली कटौती से परेशान हैं. उनका कहना है कि बिजली न होने से सिंचाई पर असर पड़ रहा है और रात में अंधेरे के कारण दिक्कतें हो रही हैं.
ग्रामीणों ने इंदौर-कोटा नेशनल हाईवे पर किया चक्काजाम
सोमवार को बिजली कटौती से परेशान होकर तनोडिया और पलाखेड़ी के ग्रामीणों ने इंदौर-कोटा नेशनल हाईवे पर दो अलग-अलग जगहों पर सड़क जाम कर दी. ये विरोध प्रदर्शन लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में हुए, जिससे हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. ग्रामीणों ने बार-बार होने वाली बिजली कटौती के खिलाफ विरोध जताने के लिए सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया. इन दो जगहों पर जाम लगने से ट्रैफिक बाधित हुआ है. सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को सड़क खाली करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं.
त्योहारों पर जनता को भारी परेशानी
त्योहारों के इस शुभ समय में बुनियादी सुविधाओं की कमी और बिना सूचना के बिजली कटौती आम जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन जाती है. आगर-मालवा की घटना साफ दिखाती है कि जब प्रशासनिक लापरवाही सारी हदें पार कर जाती है, तो जनता का गुस्सा सड़कों पर उतर ही आता है. हालांकि पुलिस और प्रशासन स्थिति को काबू में लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बिजली विभाग के लिए यह बहुत जरूरी है कि वह कोई स्थायी समाधान निकाले ताकि आम नागरिकों और किसानों को ऐसी मुश्किलों का सामना न करना पड़े.