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खंडवा जिले के ओंकारेश्वर बंद के आह्वान के बाद जिला प्रशासन ने अपने पैर पीछे खींच लिए हैं. अब अगले एक महीने तक ओंकारेश्वर और ममलेश्वर प्रोजेक्ट के तहत किसी भी तरह का विस्थापन नहीं किया जाएगा. मिली जानकारी के मुताबिक, सांसद के नेतृत्व में स्थानीय लोगों के साथ हर मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. उसमें जो निर्णय लिया जाएगा, उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.
दरअसल, एमपी के उज्जैन में सिंहस्थ-2028 आयोजित किया जाएगा. सिहंस्थ की तैयारियों के तहत बनने वाले प्रोजेक्ट से प्रभावित हो रहे स्थानीय लोगों ने दो दिन तक ओंकारेश्वर बंद का ऐलान कर दिया था. वहीं दूसरे दिन भी इसका असर दिखाई दिया. ओंकारेश्वर में व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह से बंद रही. जिससे राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
इसी बीच जिला प्रशासन, सांसद, विधायक और ओंकारेश्वर नागरिक समिति के बीच चर्चा हुई. इसमें फैसला लिया गया है कि एक महीने तक ओंकारेश्वर और ममलेश्वर प्रोजेक्ट के तहत किसी भी तरह का कोई विस्थापन और पुनर्वास नहीं किया जाएगा. मिली जानकारी के मुताबिक, खंडवा सांसद के नेतृत्व में समिति बनाई जाएगी. उसके बाद नागरिकों के साथ हर मुद्दे पर मिनट-टू-मिनट चर्चा होगी, जिसकी पूरी कार्रवाई ओंकारेश्वर प्रभावितों को लिखित में दी जाएगी. नागरिकों की हर मांग का समुचित और विश्वसनीय हल निकाला जाएगा.
संत समाज के अध्यक्ष मंगल दास त्यागी का कहना है कि सिंहस्थ 2028 को लेकर ओंकारेश्वर का विस्तार किया जा रहा है. इसमें ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर के आसपास उन भवनों, मकानों और दुकानों को अधिग्रहीत किया जाना है, जो प्रोजेक्ट के निर्माण में बाधा बन रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि ओंकारेश्वर नगरीय क्षेत्र में रोजगार-धंधा करने वाले ऐसे लोगों को 5 किमी दूर दुकिया गांव में विस्थापित किया जा रहा है.
वहीं, खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से यहां लगभग 7 एकड़ क्षेत्र में प्लान बनाया गया है. इसको लेकर लोगों में विरोध है. हालांकि, इन लोगों का कहना है कि उनका धंधा, रोजगार और आजीविका ओंकारेश्वर से चलती है. उनका पुनर्वास ऐसा किया जाए, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर प्रभाव न पड़े.
कांग्रेस ने इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया. मांधाता के पूर्व विधायक ठाकुर राज नारायण सिंह ने कहा कि ओंकारेश्वर के लोगों को विस्थापित करने से पहले उन्हें विश्वास में लेकर पूरी पॉलिसी बननी चाहिए थी, ताकि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो. कांग्रेस ने ओंकारेश्वर बंद का समर्थन किया. आज हुई चर्चा में खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े. स्थानीय विधायक, खंडवा कलेक्टर और नागरिकों की समिति के बीच बैठक हुई. अब सांसद और विधायक एक महीने तक स्थानीय लोगों से चर्चा कर सर्वमान्य हल निकालेंगे.
(रिपोर्टः प्रमोद सिन्हा, खंडवा)
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