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मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई के बावजूद मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के ऊपरी हिस्से में दो साइक्लोनिक सिस्टम सक्रिय हैं, इनके असर से अगले दो दिनों में ग्वालियर-चंबल संभाग (खासकर ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया और श्योपुर) में बारिश का अनुमान है. इसके अलावा 15 अक्टूबर के बाद बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का एक नया क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे राज्य में एक बार फिर बारिश हो सकती है.
एमपी में मौसम के दो रंग
फिलहाल, राज्य में मौसम के अलग-अलग मिजाज देखने को मिल रहे हैं. बड़वानी, ग्वालियर, राजगढ़ और उज्जैन जैसे जिलों में दिन में तेज धूप है और तापमान 36°C या उससे ऊपर बना हुआ है, जबकि रातें लगातार ठंडी होती जा रही हैं. इंदौर में न्यूनतम तापमान गिरकर 16°C पर आ गया है, जो इस मौसम का सबसे कम तापमान है और अमरकंटक, भोपाल और पचमढ़ी में भी रातें ठंडी हो रही हैं.
आज इन जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, आज रविवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया में बारिश होने की संभावना है. इस दौरान तापमान में भी गिरावट देखी जा सकती है.
यहां खिलेगी तेज धूप
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, उमरिया, सागर, पन्ना, सतना, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और निवाड़ी.
बारिश का आंकड़ा
इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के दौरान राज्य में कुल 908.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 4% कम है. पश्चिमी इलाकों में औसत से 9% से 51% कम बारिश हुई, जबकि पूर्वी इलाकों में स्थिति थोड़ी बेहतर रही. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर के महीने में बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला ट्रेंड देखा जाता है और इस बार भी मौसम का मिजाज वैसा ही बना हुआ है.
सतर्क रहने की सलाह
मध्य प्रदेश के मौसम में हो रहे बदलाव बताते हैं कि राज्य में धीरे-धीरे ठंड बढ़ रही है. दिन में तेज धूप से भले ही थोड़ी गर्मी महसूस होती हो, लेकिन रात में तापमान गिरने से ठंडक बढ़ गई है. अगले दो दिनों में ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश की संभावना और 15 अक्टूबर के बाद एक नए मौसम तंत्र के बनने की उम्मीद को देखते हुए, किसानों और आम लोगों को सलाह दी जाती है कि वे बदलते मौसम में अपनी सेहत और फसलों का खास ख्याल रखें. सतर्क रहना और सुबह-रात की ठंड से बचाव करना ज़रूरी है, क्योंकि मौसम का यह मिला-जुला मिजाज कुछ और दिनों तक बना रह सकता है.