विधानसभा-लोकसभा से चूके नेताओं की राज्यसभा पर पैनी नजर, भोपाल से दिल्ली तक MP BJP में हलचल
बीजेपी नेता डॉ. लोगनाथन मुरुगन के इस्तीफे के बाद एमपी में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. बीजेपी के कई नेताओं ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक दौड़ लगानी शुरू कर दी है.
मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रहे डॉ. लोगनाथन मुरुगन के मंत्रिमंडल और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद प्रदेश में हलचल तेज हो गई है. प्रदेश के दावेदार नेता भोपाल से लेकर दिल्ली तक सक्रिय हो गए हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि डॉ. लोगनाथन मुरुगन की जगह दक्षिण भारत के किसी नेता को मौका मिल सकता है या फिर राज्य से ही कोई चौंकाने वाला नाम सामने आ सकता है.
दरअसल, डॉ. एल. मुरुगन का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था, लेकिन उन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही 13 अक्टूबर 2026 को इस्तीफा दे दिया. वह पहली बार 28 सितंबर 2021 को मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए थे. इसके बाद अप्रैल 2024 में वह दूसरी बार भी मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए.
एमपी में कितनी राज्यसभा की सीटें?
जानकारी के लिए बता दें, एमपी में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं, जिनमें बीजेपी के 8 राज्यसभा सांसद हैं. जबकि कांग्रेस के दो राज्यसभा सांसद हैं.
बीजेपी से राज्यसभा सांसद
1. सुमित्रा वाल्मीकि
2. कविता पाटीदार
3. बंशीलाल गुर्जर
4. बालयोगी उमेश नाथ
5. माया नारोलिया
6. रजनीश कुमार अग्रवाल
7. तरुण चुग
8. महेश केवट
कांग्रेस से राज्यसभा सांसद
1. विवेक कृष्ण तन्खा
2. अशोक सिंह
नेताओं की दिल्ली तक दौड़ शुरू
अभी हाल ही में डॉ. एल. मुरुगन ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद एक सीट खाली हो गई है. इसी वजह से आने वाले समय में चुनाव होना तय माना जा रहा है. इसी को लेकर बीजेपी के कई नेताओं ने भोपाल से दिल्ली तक की दौड़ शुरू कर दी है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में जो प्रभावशाली नेता विधानसभा तक नहीं पहुंच पाए हैं या फिर लोकसभा पहुंचने में असफल रहे हैं. वे अब राज्यसभा की दौड़ में शामिल हो गए हैं. प्रदेश के कई नेता ऐसे हैं, जिन्होंने अपने हिसाब से सियासी समीकरण बिठाना शुरू कर दिया है.
किस पर दांव लगाएगी बीजेपी?
बात करें बीजेपी की राजनीति की, तो एक बात साफ हो जाती है कि राज्य में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए हुए चुनाव में एक सीट कांग्रेस को मिलने की उम्मीद थी. लेकिन मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद तीनों सीटें बीजेपी की झोली में चली गईं.
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इस चुनाव में बीजेपी ने रजनीश अग्रवाल और महेश केवट जैसे दो चौंकाने वाले नाम सामने रखे थे. पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना है. ऐसे में आगामी राजनीतिक रणनीति के तहत दक्षिण भारत के किसी नेता को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा जा सकता है या फिर प्रदेश से ही किसी चौंकाने वाले नाम पर दांव लगाया जा सकता है.
(सोर्सः आईएएनएस)